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दलाल प्रमोद शर्मा कोर्ट में पेश, जेल भेजा

एसीबी पूछताछ के लिए लेगी रिमांड

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जयपुर

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Lalit Tiwari

Jun 25, 2020

दलाल प्रमोद शर्मा कोर्ट में पेश, जेल भेजा

दलाल प्रमोद शर्मा कोर्ट में पेश, जेल भेजा

पांच लाख के घूसकांड में शामिल दलाल प्रमोद शर्मा की कोविड जांच करवाने के बाद एसीबी ने गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अफसरों का मानना है कि यह सिर्फ पांच लाख रुपए का ही खेल नहीं उससे कहीं बढ़कर है और इसमें एक एसएचओ नहीं और भी कई इंस्पेक्टर एवं अफसर पीड़ित हो सकते हैं। दलाल प्रमोद शर्मा के मोबाइल फोन की सख्ती से जांच की जा रही है। हांलाकि वाट्सएप कॉल का डेटा निकलवाना चुनौती भरा है। इसकी संभावना बेहद कम है।

अफसर के घर से मांग रहा था रिश्वत-
एसीबी अफसरों का कहना है कि शायद यह पहला ही इस तरह का केस है जिसमें दलाल ही हाथ आया है। जबकि वह अफसर के घर में बैठकर रिश्वत मांग रहा था और अफसर के घर के फोन से ही फोन कर रहा था। लेकिन अफसर भरतपुर रेंज आई लक्ष्मण गौड उस समय वहां नहीं थे। एसीबी अफसरों का कहना है कि अधितकर कार्मिक आजकल दलाल की मदद से रिश्वत लेते हैं ताकि पकड से बच सकें। लेकिन ट्रेप होने पर दलाल और सरकारी कार्मिक दोनो ही हाथ आते हैं। इस केस में दलाल ही हाथ आ सका है, जिसके नाम से वह रिश्तव मांग रहा था उनकी भूमिका की जांच के बाद ही केस आगे बढ़ सकेगा।

डीआईजी ने सीआई को नहीं किया फोन-
भरतपुर रेंज डीआईजी लक्ष्मण गौड़ ने रुपए मांगने के लिए कभी भी सीआई चन्द्रप्रकाश को फोन नहीं किया। दलाल प्रमोद शर्मा ही हमेशा सीआई को फोन करता और रुपए मांगने के लिए धमकी देता था।
एसीबी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डीआईजी के घर का फोन उपयोग कर थानाप्रभारी से रुपए वसूलने वाले दलाल ने रेंज के अन्य जिलों में भी पुलिसकर्मियों को फोन कर रुपए मांगे थे। प्रमोद शर्मा की ओर से रुपए मांगने की कुछ शिकायतें एसीबी के पास पहुंची हैं। इन सभी नामों को एसीबी ने गोपनीय रखा है। एसीबी की टीम ने प्रमोद शर्मा के मालवीय नगर स्थित आलीशान बंगले से जब्त किए मिले चेक, स्टाम्प, नाकों पर लेन-देन की पर्चियां सहित अन्य हिसाब की पर्चियों को खंगालना शुरू किया है। एसीबी प्रमोद शर्मा को वापस रिमांड पर लेगी और इन सभी दस्तावेजों के बारे में पूछताछ करेगी।


लैंड लाइन से धमकाता, वाट्सअप कॉल से रुपए मांगता

सूत्रों की मानें तो प्रमोद शर्मा ने कई पुलिसकर्मियों को उनकी एसीआर उत्कृष्ट करने और डीआईजी का संरक्षण दिलाने के नाम पर फोन किया था। वह पहले डीआईजी के निवास के लैंडलाइन से फोन करता और उनसे वाट्सअप कॉल करने के लिए कहता। जब पुलिसकर्मी वाट्सअप कॉल करते तो उन्हें धमकाना शुरू कर देता। वह कहता के यदि नहीं मानोगे तो एसीआर बिगड़ जाएगी और संरक्षण भी नहीं मिलेगा। प्रमोद शर्मा उस पुलिसकर्मी को जब तक फोन करता तब तक वह रुपए देने के लिए तैयार नहीं हो जाता।