
पृृथ्वीराज नगर-उत्तर की 553 कॉलोनियां में लोगों को एक बार फिर बारिश के दिनों में रेन अरेस्ट का सामना करना पड़ेगा। जेडीए 1500 हेक्टेयर में जो ड्रेनेज सिस्टम विकसित कर रहा था, वो फेल हो गया। दरअसल, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने वाली फर्म ने कॉलोनियों से पानी निकालने का जो रास्ता बताया है वो अब तक मौके पर है ही नहीं। ऐसे में आठ माह से चल रही मशक्कत फेल हो गई। जेडीए अधिकारी और फर्म के प्रतिनिधि पृथ्वीराज नगर-उत्तर की कॉलोनियों में भरने वाला पानी अजमेर रोड तक नहीं ले जा पाए। सूत्रों की मानें तो इस डीपीआर को बनाने में जेडीए अब तक 32 लाख रुपए खर्च कर चुका है।
इसलिए हो गया प्लान फेल
भांकरोटा से सिरसी रोड को जोड़ने वाली 200 फीट रोड पर ड्रेनेज लाइन डालने का प्लान बनाया गया। जबकि, मौके पर अब तक यह सेक्टर रोड बनी ही नहीं है। कुछेक जगह जमीन भी अवाप्त नहीं हुई है। ऐसे में पूरा प्रोजेक्ट अधर में लटक गया। भांकरोटा से जयसिंहपुरा होते हुए पानी को नेवटा बांध तक ले जाने के प्लान पर जेडीए काम कर रहा है।
डीपीआर मिल गई है। सेक्टर रोड अधूरी होने के कारण पानी निकासी का रास्ता नहीं मिल पाया है। उच्च स्तर पर वैकल्पिक रास्तों पर विचार चल रहा है। जल्द ही ड्रेनेज के लिए दूसरा रास्ता तलाशेंगे।
-कैलाश चंद्र बैरवा, एक्सईएन, जेडीए
ये भी जानें
-13 अगस्त, 2024 को याशी कंसल्टिंग सर्विस प्राइवेट लिमिटेड को डीपीआर बनाने का दिया था काम।
-19 जनवरी तक पीआरएन की कॉलोनियों में ड्रेनेज का प्लान बनाना था, लेकिन अब तक नहीं हो पाया पूरा।
प्रोजेक्ट धरातल पर उतरता तो...
-कालवाड़ रोड से अजमेर रोड के बीच और 200 फीट बाइपास के पश्चिम दिशा में पीआरएन-नॉर्थ सीमा तक के बीच बसी कॉलोनियों को जलभराव से निजात मिल जाती।
-इस परियोजना की अनुमानित लागत 100 करोड़ रुपए है। इसकी डीपीआर बनाने के लिए 39 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे।
Published on:
05 May 2025 05:40 pm
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