
जयपुर। जयपुर निवासी भारत के सबसे युवा नि:शक्त पेटेंट धारक हृदयेश्वर सिंह भाटी ( Hridayeshwar Singh Bhati ) ने माता-पिता के साथ शुक्रवार सुबह दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi ) से मुलाकात की। इसके बाद प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया। जिसमें लिखा कि मेरे युवा दोस्त हृदयेश्वर सिंह की जीवन यात्रा सबको प्रेरित करती है। उनके नवाचार से शतरंज युवाओं के बीच और लोकप्रिय हो गया है। उम्मीद है कि वह आने वाले समय में इसी जोश के साथ नवाचारों को जारी रखेंगे। जानलेवा बीमारी के कारण 85 प्रतिशत अपंग होने के बावजूद हृदयेश्वर सिंह नि:शक्तजनों में विश्व के सबसे कम उम्र के पेटेंट धारक हैं। वे 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली परेड में भी नजर आएंगे।
राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से बोले मोदी, ये आखिरी मुकाम नहीं
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2020 के विजेताओं से मुलाकात की। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ये सारे अवॉड्र्स आखिरी मुकाम नहीं हैं, यह एक प्रकार से जिंदगी की शुरुआत है। उन्होंने बच्चों से कहा कि आप सब कहने को तो बहुत कम उम्र के हैं, लेकिन आपने जो काम किया है उसको करने की बात तो छोड़ दीजिए, उसे सोचने में भी बड़े-बड़े लोगों के पसीने छूट जाते हैं।
परेड में तन्मय का चयन
गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली स्थित विजय चौक, राजपथ पर होने वाली परेड के लिए प्रदेश से तीन कैडेट्स का चयन हुआ है। एनसीसी नेवी के कैडेट, जयपुर निवासी तन्मय राज जौहरी का उक्त परेड के लिए चयन हुआ है।
शिक्षा में नवाचार पर विमर्श बैठक में शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा - ‘एकजुट प्रयासों से बनेंगे नंबर एक’
‘प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार अपनाते हुए विकास की महत्ती पहल की गई है। वहीं, विद्यार्थी के हित में सभी को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे, ताकि गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा में देश में दूसरे स्थान पर रहने वाला राजस्थान एक नंबर पर आ जाए।’ राजस्थान एजुकेशन इनिशिएटिव के तहत शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं की शुक्रवार को जेएलएन मार्ग स्थित एक होटल में हुई विमर्श बैठक में शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने यह बात कही। इस दौरान शिक्षा में नवाचार सहित गुणवत्ता बढ़ाने पर मंथन हुआ। बैठक की अध्यक्षता करते हुए डोटासरा ने ड्रॉपआउट विद्यार्थियों को मुख्य धारा से जोडऩे के लिए लर्निंग सेंटरों के प्रभावी संचालन पर भी जोर दिया। उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में आदर्श एवं मॉडल स्कूलों के प्रधानाचार्यों के प्रशिक्षण तथा शिक्षा में तकनीकी सहयोग आदि के भी निर्देश दिए। इसके अलावा विद्र्यािर्थयों को अध्ययन के साथ-साथ क्षमता संवर्धन कार्यों से जोडऩे, डाइट फैकल्टी के प्रभावी प्रशिक्षण, विद्यालयों में पुस्तक बैंक तथा छात्रों की अध्ययन की आदत विकसित किए जाने के लिए भी विशेष कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में भारती फाउंडेशन, सेव द चिल्ड्रन, पीरामल फाउंडेशन, अजीम प्रेमजी, लर्निंग एंड लिंक, रामकृष्ण मिशन, बोध, रूम टू रीड आदि संस्थाओं ने विभिन्न स्तरों पर शिक्षा में गुणवत्ता के लिए किए जा रहे कार्यों और भावी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
Published on:
25 Jan 2020 08:26 am
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