9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में विकास ठप, कुर्सी बचाने में लगे कांग्रेस के नेता-मेघवाल

केंद्रीय कानून राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा है कि राजस्थान में दलित समाज भाजपा की तरफ रुख कर रहा है। इसका कारण यह है कि राजस्थान में विकास ठप है। कांग्रेस सरकार अपनी कुर्सी बचाने में व्यस्त है।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Umesh Sharma

Aug 24, 2023

राजस्थान में विकास ठप, कुर्सी बचाने में लगे कांग्रेस के नेता-मेघवाल

राजस्थान में विकास ठप, कुर्सी बचाने में लगे कांग्रेस के नेता-मेघवाल

जयपुर। केंद्रीय कानून राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा है कि राजस्थान में दलित समाज भाजपा की तरफ रुख कर रहा है। इसका कारण यह है कि राजस्थान में विकास ठप है। कांग्रेस सरकार अपनी कुर्सी बचाने में व्यस्त है। हम मुफ्त योजनाओं में विश्वास नहीं रखते हम समाज और नागरिकों को सशक्त बनाने पर जोर देते हैं।

उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रभावी नीतियों का दलित वोट बैंक पर गहरा असर पड़ा है। ये बात हम नहीं कहते यह बात ‘दलित स्टडी सेंटर’ कहता है। अपनी रिपोर्ट में इस सेंटर ने कहा है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में 36 प्रतिशत दलित वोट पीएम मोदी के कुशल नेतृत्व के चलते भाजपा को मिले। वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में यह प्रतिशत 39 प्रतिशत हो गया। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि दलित समाज के वोटरों का भाजपा के समानता के भाव की नीति का गहरा असर हुआ है।

सामाजिक असमानता को पीएम ने मोदी ने किया दूर

मेघवाल ने कहा कि अंबेडकर ने संविधान लागू होने के बाद कहा था कि हम एक विरोधाभासी क्षेत्र में कदम रख रहे हैं। जहां लोकतांत्रिक समानता वोट के आधार पर तो होेगी और ‘एक वोट एक मूल्य होगा’, लेकिन सामाजिक क्षेत्र में असमानता होगी। इसके बाद सवाल यह उठा कि इस सामाजिक असमानता को दूर कौन करेगा। 2014 में सत्ता में आते ही पीएम मोदी ने वैंकेया नायडू की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई और इस दिशा में काम करना शुरू किया। इसके बाद सूदूर गांवो में बिजली की असमानता को दूर किया, पीएम आवास योजना में गरीबों को घर दिया, स्वच्छता अभियान के तहत 11.5 करोड़ शौचालय बनवाए। इसके बाद अनुसूचित जाति वर्ग के लोग कहने लगे कि मोदी सरकार ही बेहतर है। इसलिए मैं दावे से कह सकता हूं कि आगामी 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में दलित समाज भाजपा के साथ रहेगा।