
हिण्डौनसिटी. साहित्य जगत के शताब्दी पुरुष पद्मश्री रामदरश मिश्र के 103वें जन्मदिन पर गोरखपुर में 14 और 15 अगस्त को दो दिवसीय समारोह आयोजित होगा। इस अवसर पर रामदरश मिश्र न्यास की ओर से प्रतिवर्ष दिया जाने वाला रामदरश मिश्र शताब्दी सृजन सम्मान हिण्डौन के साहित्यकार कृष्ण बिहारी पाठक को प्रदान किया जाएगा।
पाठक को उनकी आलोचनात्मक कृति ‘रामचंद्र शुक्ल: दृष्टि-सृष्टि’ के लिए सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान हिंदी आलोचना के क्षेत्र में उनके गंभीर अध्ययन और विशिष्ट योगदान की मान्यता है। कृष्ण बिहारी पाठक की दो पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और उन्होंने देश-विदेश की पत्र-पत्रिकाओं में साहित्यिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक विषयों पर 200 से अधिक आलेख, समीक्षाएं और रचनाएं लिखी हैं। उन्हें पूर्व में बाल साहित्य भूषण सम्मान, बाल साहित्य सृजन सम्मान तथा हिंदी प्रज्ञा सम्मान भी मिल चुके हैं। राजस्थान सरकार की ओर से राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित पाठक ने पाठ्य-पुस्तक विकास समूह में योगदान दिया है और स्थानीय भाषा शब्दकोश का संपादन भी किया है। इससे पूर्व पाठक को उनके बालगीत संग्रह ‘आओ एक ज्योनार लगाएं’ के लिए साहित्य मंडल श्री नाथद्वारा का बाल साहित्य भूषण सम्मान एवं पं.जवाहर लाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी ने बाल साहित्य सृजन सम्मान से नवाजा है। अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था विश्व हिंदी साहित्य परिषद ने भी पाठक को हिंदी प्रज्ञा सम्मान प्रदान किया है। समारोह की अध्यक्षता साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष और ख्यात लेखक प्रोफेसर विश्वनाथ प्रसाद तिवारी करेंगे।
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हिण्डौनसिटी. साहित्यकार कृष्ण बिहारी पाठक।
Updated on:
06 Aug 2026 06:00 am
Published on:
06 Aug 2026 06:00 am
