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राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए रोडवेज ने लगाई 200 अतिरिक्त बसें

शुक्रवार से शुरु होगा संचालन
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जयपुर

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Pushpendra Singh Shekhawat

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Updated: 12 Jul 2018, 6:18 PM IST

jaipur

कांस्टेबल भर्ती परीक्षा

जयपुर. राजस्थान पुलिस विभाग में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा को मद्देनजर रखते हुए राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम 13 जुलाई से 15 जुलाई तक 200 बसों का अतिरिक्त संचालन करेंगा। सिंधी कैंप बस स्टेंड मुख्य प्रबंधक कैलाश बढाया ने बताया कि कुल 13142 पदों की लिखित परीक्षा 14 और 15 जुलाई को दो पारियों में आयोजित होगी।

इस मौके पर अभ्यार्थी एवं उनके परिजन जयपुर से बाहर यात्रा करेंगे एवं 503520 अभ्यार्थी पुलिस आयुक्तालय जयपुर के 209 केंद्रों में लिखित परीक्षा के सम्मिलित होंगे। ऐसे में लगभग ढाई लाख अभ्यार्थी एवं अभिभावकों की संख्या को देखते हुए आमतौर की तुलना में 200 अतिरिक्त बसें लगाई है। जिससे की परेशानी नहीं हों। वहीं बस स्टेंड पर ड्यूटी ऑफिसर, टाइम कीपर, ट्रैफिक मैनेजर उडऩ दस्ता एवं यातायात टीम तीनों दिन तक हर समय उपस्थित रहेंगे।


दो दिन रहेगी नेट सेवा प्रभावित
नकल रोकने के लिए परीक्षा केन्द्रों के पांच किलोमीटर दायरे में इंटरनेट सेवाएं भी बंद करवाने के लिए सरकार से अनुमति ली गई। जबकि परीक्षा की पारदर्शिता के लिए कुछ गोपनीय सुरक्षा इंतजाम परीक्षा के दिन किए जाएंगे। जैसे परीक्षा केन्द्र पर कमरा नंबर कौनसा आया और वहां पहुंचने के बाद परीक्षार्थियों को उक्त कमरे की बजाए अन्य कमरों में बैठाया जाए।

पूरे परीक्षा केन्द्र में मुखिया के पास ही एक मोबाइल होगा

परीक्षा केन्द्र में तैनात खुद पुलिसकर्मी और अधिकारियों को भी मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केन्द्र के कर्मचारियों और परीक्षा लेने वाले भी मोबाइल नहीं रख सकेेंगे। परीक्षा केन्द्र के इंचार्ज के पास एक मोबाइल होगा। परीक्षा केन्द्र इंचार्ज को मोबाइल पर किसी भी प्रकार की फोटो खींचने की अनुमति नहीं होगी।

नकल करते पकड़े गए तो जेल
कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में नकल करते पकड़े गए तो 3 साल के बजाए 10 साल तक जेल की हवा खानी पड़ सकती है। मौजूदा परीक्षा अधिनियम में मामला दर्ज नहीं होने के प्रावधान के चलते अब पुलिस फर्जीवाड़ा और आइटी एक्ट के तहत अन्य धाराओं में मामला दर्ज करेगी। राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम के तहत तीन साल की सजा का प्रावधान है, जबकि पुलिस जो मामला दर्ज करेगी, उसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।