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दंग रह गए लोग जब- पुलिस ने पुलिस वालों को मारे डंडे

सामने से आ रही भीड़, प्रदर्शन करते लोग, पुलिस पर बरस रहे पत्थर, पुलिस की कार्रवाई के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर किया जा रहा हल्का बल प्रयोग....! कुछ ऐसा ही दृश्य गुरुवार सुबह स्थानीय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मैदान में देखने को मिला।यहां  पुलिस के जवानों को मॉक ड्रिल कर प्रशिक्षण दिया जा रहा था।  स्थानीय पुलिस थाने के जवानों को मॉक ड्रिल कार्यक्रम का आयोजन कर दो घंटे तक विशेष प्रशिक्षण दिया गया।  प्रशिक्षण में पुलिस उपाधीक्षक धीमाराम विश्रोई, थानाधिकारी मिट्ठुलाल मेघवाल, उपनिरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षक सहित भारी संख्या में पुलिस जवानों ने भाग लिया।भीड़ ने बरसाए पत्थर, तो पुलिस ने भांजी लाठियां

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shantiprakash gour

Oct 30, 2015


सामने से आ रही भीड़, प्रदर्शन करते लोग, पुलिस पर बरस रहे पत्थर, पुलिस की कार्रवाई के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर किया जा रहा हल्का बल प्रयोग....! कुछ ऐसा ही दृश्य गुरुवार सुबह स्थानीय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मैदान में देखने को मिला।

यहां पुलिस के जवानों को मॉक ड्रिल कर प्रशिक्षण दिया जा रहा था। स्थानीय पुलिस थाने के जवानों को मॉक ड्रिल कार्यक्रम का आयोजन कर दो घंटे तक विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में पुलिस उपाधीक्षक धीमाराम विश्रोई, थानाधिकारी मिट्ठुलाल मेघवाल, उपनिरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षक सहित भारी संख्या में पुलिस जवानों ने भाग लिया।


भीड़ ने बरसाए पत्थर, तो पुलिस ने भांजी लाठियां

पुलिस के मॉक ड्रिल के दौरान कस्बे के उच्च माध्यमिक विद्यालय मैदान में पुलिस की ओर से कुछ जवान सादे वस्त्रों में भीड़ की जगह एकत्रित किए गए। जबकि दूसरी तरफ पुलिस बल डण्डों, आंसू गैस के गोलों, बंदूकों सहित पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात थे। इसी दौरान भीड़ की जगह सादे वस्त्रों में खड़े जवानों ने पुलिस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। पुलिस के उच्चाधिकारियों की ओर से निर्देश पर जवान लोगों के पीछे भागे तथा पत्थरबाजी के दौरान भीड़ पर नियंत्रण करने का प्रशिक्षण प्राप्त किया। पुलिस ने आंसू गैस छोडऩे के तरीकों, आवश्यकता पडऩे पर बेकाबू भीड़ पर मजिस्ट्रेट के आदेश पर गोली चलाने के बारे में भी प्रशिक्षण दिया।


अधिकारियों ने दिया प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के बाद उपाधीक्षक विश्रोई व थानाधिकारी मेघवाल ने उपस्थित जवानों को बताया कि पुलिस की जिम्मेदारी जनता की सुरक्षा, कानून एवं शांति व्यवस्था को बनाए रखना है तथा यह प्रत्येक पुलिस अधिकारी व जवान का नैतिक दायित्व है। पुलिस के जवानों की जिम्मेदारी है कि वह स्वयं संकट उठाकर भी दूसरे के प्राणों की रक्षा करें, यही उसका राष्ट्रधर्म है। उन्होंने हवाईफायर करने, रबर की गोलियां चलाने आदि के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए प्रशिक्षण दिया।


लोगों के लिए कौतूहल

एक साथ दर्जनों की तादाद में पुलिस के जवानों की ओर से प्रशिक्षण प्राप्त करना आमजन के लिए कौतूहल का विषय बना रहा। मैदान के प्रवेश द्वार पर पुलिस के वाहन व कुछ जवान खड़े कर दिए गए, ताकि कोई भी व्यक्ति मैदान में नहीं आए। जिसके चलते मैदान के बाहर लोगों की खासी भीड़ इक_ी हो गई। करीब दो घंटे तक जवानों को प्रशिक्षण दिया गया। (का.सं.)