4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पुलिस जनता की चौकीदार

पुलिस जनता की चौकीदार है। बिना जनता की मदद के बिना पुलिस किसी भी काम को प्रभावी तरीके से अंजाम नही दे सकती है। यही वजह है कि पुलिस और जनता के बीच दुरियां कम करने के लिए उपाय किए जा रहे है और इसका असर भी देखने को मिल रहा है।
2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Lalit Tiwari

Jun 09, 2018

पुलिस जनता की चौकीदार

पुलिस जनता की चौकीदार

पुलिस जनता की चौकीदार

- डीसीपी (पूर्व) कुंवर राष्ट्रदीप ने जन-सहभागिता शिविर में लिया भाग


जयपुर

पुलिस जनता की चौकीदार है। बिना जनता की मदद के बिना पुलिस किसी भी काम को प्रभावी तरीके से अंजाम नही दे सकती है। यही वजह है कि पुलिस और जनता के बीच दुरियां कम करने के लिए उपाय किए जा रहे है और इसका असर भी देखने को मिल रहा है। यह कहना है डीसीपी (पूर्व) कुंवर राष्ट्रदीप का। राष्ट्रदीप शनिवार को मालवीय नगर पुलिस थाना तथा सीएलजी कम्यूनिटी लाइजन ग्रुप मालवीय नगर के संयुक्त तत्वाधान में अग्रवाल समाज भवन में हुई जन-सहभागिता शिविर में बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने ना केवल जनता से सीधा संवाद किया बल्कि पुलिस की कार्य प्रणाली में जन सहभागिता एवं जन समस्याओं पर चर्चा भी की। कार्यक्रम के अन्र्तगत वाहन सुरक्षा जागरूकता के लिए तथा बुजुर्गों व महिलाओं की सुरक्षा के लिए हेल्प लाइन कार्ड का विमोचन किया गया। इस अवसर पर एसीपी कावेन्द्र सिंह सागर, थानाप्रभारी अजय शर्मा व सीएलजी संयोजक संदीप गुप्ता उपस्थित थे।

सुरक्षा के लिए अब हाईटेक हुई पुलिस-
डीसीपी ने कहा कि प्रति एक हजार नागरिक पर 222 पुलिसकर्मियों की आवश्यकता है लेकिन राजस्थान में यह आंकडा 118 है जिससे कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही डीसीपी ने 100 नम्बर को अभय कमाण्ड सेन्टर से जोडऩे के बाद हुए हाईटेक परिवर्तनों के विषय में बताते हुए कहा कि शिकायत दर्ज करवाने के बाद कम टाइम में कार्रवाही चेतक करती है, जिससे पुलिस का कार्य और अधिक प्रभावी हुआ है। उन्होंने कहा कि बदमाशों को पकडऩे के लिए पुलिस के पास अब हाइटेक साधन हो गए है, जिससे शातिर बदमाश जल्दी से जल्दी पकड़े जा रहे है। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सक पी.सी रांका ने कम्यूनिटी बेस पुलिसिंग पर जोर देते हुए कहा कि इस प्रकार के जन सहभागिता कार्यक्रम से डायरेक्ट इंटरेक्शसन से पुलिस और जनता के बीच गेप कम होता है जिससे जनता में पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास पैदा होता है। इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने रात्रि गश्त व्यवस्था, सुरक्षा गेट पर तैनात चौकीदारों से पुलिस का समन्वय, चेतक गश्त, असामाजिक तत्वों पर रोक लगाने के उपाय पर सवाल जबाव किए।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग