एडिशनल कमिश्नर अजयपाल लांबा ने कहा कि वारदात करने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए बदमाश इधर उधर भाग कर किसी होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशाला में ठहरता है। कई बार बिना वैद्य दस्तावेज के होटल में चेक इन कर लेता है। जयपुर महानगर प्रत्यक्ष रुप से दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के साथ साथ अधिकांश राज्यों की परिवहन सेवाओं से जुड़ा हुआ है। बहुत से अपराधी होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशाला में ठहरकर जयपुर महानगर और आस-पास के क्षेत्र में वारदात को अंजाम देते है। इस दौरान विशेष सर्तकता की आवश्यकता हैं। लांबा जयपुर बिड़ला सभागार में आयोजित एक दिवसीय सेमिनार के आयोजन के दौरान बोल रहे थे। सेमीनार में होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशाला के मालिकों प्रबंधकों ने भाग लिया। लांबा ने कहा कि जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से ई-विजिटर पोर्टल विकसित किया गया है। जिसके माध्यम से समस्त आगंतुकों का चेक इन के समय संपूर्ण आवश्यक विवरण एकीकृत रूप से पुलिस आयुक्तालय स्तर पर संकलित किया जाएगा। इस पोर्टल से न केवल होटल संचालक, प्रबंधक भविष्य में होने वाली किसी असुविधा से बच पाएंगे बल्कि अपराध नियंत्रण की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस पोर्टल के क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण दिए जाने एवं अन्य आवश्यक निर्देश प्रदान किए जाने के लिए सोमवार को एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें जयपुर महानगर के समस्त होटल ,गेस्ट हाउस एवं धर्मशाला के मालिकों ,प्रबंधकों ने भाग लिया। आज के सेमिनार में होटल, गेस्ट हाउस एवं धर्मशाला के प्रबंधकों को ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण ) नियम 2000 की पालना के लिए निर्देशित किया गया। इसमें आवासीय जोन के लिए दिन में 55 डीबी एवं रात्रि में 45 डीबी, शान्त जोन के लिए दिन में 50 डीबी
एवं रात्रि में 40 डीबी, व्यवसायिक जोन के लिए दिन में 65 डीबी एवं रात्रि में 55 डीबी एवं औद्योगिक जोन के लिए 75 डीबी एवं रात्रि में 70 डीबी अधिकतम सीमा निर्धारित की गई हैं। इस सेमिनार में पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से पोर्टल की क्रियान्विति का प्रदर्शन किया गया।
इस सेमिनार में पुलिस उपायुक्त पूर्व राजीव पचार, पश्चिम वंदिता राणा, उत्तर परिस देशमुख, दक्षिण योगेश गोयल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त कंट्रोल रूम सतवीर सिंह सहित होटल संचालक एवं पुलिस के अधिकारी उपस्थित थे।