राहतभरी खबर, जयपुर में बीते 2 साल के मुकाबले इस दिवाली पर 40% कम रहा वायु प्रदूषण का स्तर

देश में एक ओर तो कोरोना महामारी तो दूसरी ओर वायु प्रदूषण भी हावी हो रहा है।

By: santosh

Published: 15 Nov 2020, 02:51 PM IST

जयपुर। देश में एक ओर तो कोरोना महामारी तो दूसरी ओर वायु प्रदूषण भी हावी हो रहा है। एक बार फिर दिवाली से पहले ओर दिवाली के बाद भी दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में देखने को मिली। शनिवार को दिवाली पर पूरी दिल्ली में वायु प्रदूषण का औसत स्तर 400 एक्यूआई और अधिकतम स्तर 500 एक्यूआई को पार कर गया।

हालांकि इस बार बार कोरोना महामारी के मद्देनजर एनजीटी की सख्ती के बाद ज्यादा प्रदूषण वाले कई राज्यों ने वायु प्रदूषण को लेकर पटाखों को बेचने और जलाने पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बावजूद राजधानी जयपुर में दिवाली पर शनिवार रात को राजधानी में बीते दस दिनों में वायु प्रदूषण का अधिकतम स्तर रात 8 बजे से रात 12 बजे तक थोड़ा ज्यादा दर्ज किया गया। रोक के बावजूद मानसरोवर, परकोटे, टोंक रोड, मालवीय नगर, वैशालीनगर में आतिशबाजी और पटाखों की गूंज सुनाई दी। ऐसे में प्रशासन की सख्ती नहीं देखने को मिली।

कुछ जगह प्रतिबंध, कुछ जगह मिली थी छूट
राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आदेश के बाद पटाखों के बेचने और जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, इसके अलावा दिल्ली में भी पटाखों के बेचने और जलाने पर पाबंदी थी। उत्तर प्रदेश में लखनऊ, वाराणसी सहित 13 जिलों समेत मुंबई में भी पटाखे फोड़ने और आतिशबाजी करने पर रोक लगाई थी। वहीं आंध्र प्रदेश में 2 घंटे के लिए ग्रीन पटाखों को जलाने की अनुमति दी गई थी। भोपाल, झारखंड, हरियाणा में भी रात 8 बजे से 10 बजे तक आतिशबाजी की अनुमति दी गई थी।

बीती रात के आंकड़े
शनिवार को दिवाली की रात राजधानी जयपुर का वायु प्रदूषण का औसत स्तर ज्यादा देखने को नहीं मिला। न ही आसमान में कहीं भी धुंए का देखने को मिला। हालांकि राज्य सरकार की सख्ती के बाद बीते दो साल के मुकाबले इस साल यह स्तर कम आंका गया। राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आंकड़ों के मुताबिक पार्टिकुलेटड मैटर 2.5 का स्तर थोड़ा ज्यादा दर्ज किया गया। बीते दो साल के मुकाबले वायु गुणवत्ता सूचकांक के स्तर में 40 प्रतिशत की कमी देखने को मिली। दिवाली की रात पूरे शहर में शाम 8 से रात 12 बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक का आंकड़ा अधिकतम 300 एक्यूआई तो वहीं औसत स्तर 155 एक्यूआई के आसपास दर्ज किया गया। रविवार को मौसम ज्यादा साफ नजर नहीं आया, बादलों की आवाजाही भी देखने को मिली।

आज के राजधानी के हालात
राजधानी जयपुर में रविवार सुबह आदर्शनगर में औसत प्रदूषण का स्तर 167 तो अधिकतम स्तर 337 दर्ज किया गया। वहीं पुलिस कमीशनेरट क्षेत्र में औसत स्तर 196 वहीं अधिकतम 337 दर्ज किया गया। शास्त्रीनगर सहित चारदीवारी क्षेत्र में औसत प्रदूषण का स्तर 145 वहीं अधिकतम स्तर 237 एक्यूआई दर्ज किया गया। भिवाड़ी, अजमेर, पाली और जोधपुर में भी प्रदूषण का औसत स्तर 200 एक्यूआई को पार कर रहा गया। राजस्थान में सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण का स्तर औद्योगिक नगरी भिवाड़ी में बेहद ही खतरनाक श्रेणी में दर्ज किया गया। यहां शनिवार—रविवार को प्रदूषण का औसत स्तर 324 तो वहीं अधिकतम स्तर 413 एक्यूआई दर्ज किया गया।

यह है एक्यूआई का मानक
0 से 50 -अच्छी
51 से 100-संतोषजनक
101 से 200-मॉडरेट यानि न थोड़ा खराब
201-300- खराब
301-400-बहुत खराब
401-500-गंभीर
500 से ऊपर-इमरजेंसी

बीते साल के आंकड़े
राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आंकड़ों के मुताबिक 2017 में जहां शहर के वायु प्रदूषण का स्तर सामान्यतया एक्यूआई 400 के आसपास दर्ज किया गया। वहीं 2018 में यह 450 के आंकडें को पार कर गया। औसत स्तर 250 तक रहा। शहर में 2017 में ध्वनि प्रदूषण साइलेंस जोन में रात के समय दिवाली तक 75 डेसिबल और 2018 में 69.3 तक पहुंच गया। आवासीय जोन में 2018 में 107 अधिकतम और 82.6 तक पहुंच गया। 2019 में राजधानी जयपुर में शहर में औसत प्रदूषण का स्तर 240 एक्यूआई दर्ज किया गया था।

बाहर निकलने से बचें
अस्थमा विशेषज्ञ डॉ. वीरेन्द्र सिंह के मुताबिक जिन मरीजों को बदलते मौसम में धुंध से एलर्जी है, वह बिल्कुल बाहर न निकलें। तापमान में गिरावट के कारण वायुमंडल की निचली परत पर स्थिरता बन जाती है। इससे धूल, कार्बन और प्रदूषण के कण वायुमंडल में ऊपर नहीं जा पाते और निचली परत पर ही जमे रह जाते हैं। दिवाली के समय कई जगहों पर पटाखे जलाने से इनका असर दिवाली के चार से पांच दिन तक रहेगा। खासतौर पर ऐसे मरीज दवा का ध्यान रखें। मुंह पर रूमाल आदि लगाएं। वहीं हल्की ठंड से भी बुजुर्ग गरम कपड़े पहनने का ध्यान रखें। वाहन चलाते समय अलसुबह और रात में गरम कपड़े पहने।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned