24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

घोर बिजली संकट से हलकान पाकिस्तान, ऑफिसों पर ताले

बिजली बचाने 'फाइव डे वर्किंग वीक' की शरण

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Amit Purohit

Jun 09, 2022

घोर बिजली संकट से हलकान पाकिस्तान, ऑफिसों पर ताले

घोर बिजली संकट से हलकान पाकिस्तान, ऑफिसों पर ताले

इस्लामाबाद. आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में तेल के बढ़ते दामों से लेकर डॉलर के मुकाबले रुपए में भारी गिरावट ने नींद उड़ाई हुई है। वहीं, भीषण गर्मी में 4 से 10 घंटे के पावर कट ने जीना मुहाल कर दिया है। यहां तक कि दफ्तरों में ताले लगने लगे हैं। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए हफ्ते में काम के आधिकारिक दिनों को छह से घटाकर फिर से पांच कर दिया है। अप्रेल में शहबाज शरीफ ने नए प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभालने के तुरंत बाद पाकिस्तान में छह दिनों के कार्य सप्ताह की घोषणा की। अब इससे यू-टर्न लेना पड़ रहा है। सरकार का मानना है कि 8 जून से लागू 'फाइव डे वर्किंग वीक' से बिजली व तेल की खपत को कम किया जा सकेगा। सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब का मानना है कि शनिवार की छुट्टी बहाल करने के फैसले से सालाना 386 मिलियन डॉलर बचाने में मदद मिलेगी।

और भी क्या—क्या होगा बंद..

मांग और आपूर्ति में भारी अंतर, लोड-शेडिंग से बेहाल
सूचना मंत्री मरियम वर्तमान में आपूर्ति और मांग के बीच 4,600 मेगावाट का अंतर बता रही हैं। आपूर्ति 21,000 मेगावाट और मांग 25,600 मेगावाट है। वहीं, पाकिस्तान के जियो टीवी की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में कुल बिजली उत्पादन 18,031 मेगावाट है, जबकि बिजली की मांग लगभग 25,500 मेगावाट है। अप्रेल में बिजली की कमी का अंतर 7,468 मेगावाट तक पहुंच गया था, 10-18 घंटे तक लोड शेडिंग हुई। अभी भी कमोबेश यही हाल है।


पेट्रोल में लगी आग, घटा विदेशी मुद्रा भंडार
पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 10.1 अरब डॉलर रह गया है, जो लगभग 45 दिन के आयात जितना है। दो अंकों की मुद्रास्फीति भी है। लगातार कीमतों में वृद्धि से पेट्रोल 209.96, डीजल 204.15 और केरोसिन 181.94 रुपए प्रति लीटर हो गया है।