
उत्तरप्रदेश की बिजली कंपनी से 2 हजार मेगावाट से बिजली लेने के बावजूद प्रदेश में बिजली डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। रबी सीजन को देखते हुए अब ऊर्जा विभाग और ऊर्जा विकास निगम ने बिजली की अधिकतम डिमांड 18 हजार मेगावाट को पार करने का अनुमान लगाया है। ऐसी स्थिति में एक्सचेंज से अतिरिक्त बिजली खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है। इस माह 250 मेगावाट और जनवरी व फरवरी में 450 मेगावाट बिजली खरीदी जाएगी। गत दिनों ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने भी इसकी आशंका जता दी थी। हालांकि, बाजार से बिजली लेने के लिए ज्यादा दाम चुकाने होंगे और इसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर आएगा।
अभी यह है स्थिति
16100मेगावाट पार कर गई अधिकतम डिमांड
14100मेगावाट रही थी पिछले वर्ष इस समय
13200मेगावाट है बिजली उपलब्धता अभी
2100 मेगावाट बिजली एक्सचेंज व अन्य स्त्रोत से ले रहे
इसलिए भी बढ़ रही बिजली डिमांड
रबी सीजन को देखते हुए सरकार ने किसानों के लिए एक घंटे बिजली आपूर्ति का समय बढ़ाया। अब किसानों को सिंचाई के लिए तीन ब्लॉक में 5 घंटे बिजली मिल रही है। इस कारण भी बिजली खपत बढ़ी है। जबकि, अभी तक तीन ब्लॉक में चार घंटे ही बिजली मिल रही थी।
घर के बिजलीघरों से ही कम मिल रही बिजली
राज्य विद्युत उत्पादन निगम के 7880 मेगावाट के बिजली प्लांट हैं, लेकिन इनसे भी 4000 से 4500 मेगावाट ही बिजली मिल पाती है। बिजलीघरों के नियमित मॉनिटरिंग और रखरखाव में कमी के कारण भी यह स्थिति बनती है। इसके अलावा अन्य अनुबंधित कंपनियों से भी बिजली खरीद महंगी पड़ रही है।
Published on:
07 Dec 2022 07:37 pm
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