
pradosh vrat kab hai 2021 pradosh vrat march 2021 dates march 2021
जयपुर. हर माह की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। प्रदोष व्रत में दिनभर उपवास रखकर शाम को शिव परिवार यानि शिवजी, माता पार्वती, गणेशजी और कार्तिकेयजी की पूजा का विधान है। मान्यता है कि प्रदोष व्रत रखकर विधिविधान से शिव परिवार की पूजा करने पर भगवान शिव की कृपा जरूर प्राप्त होती है। प्रदोष व्रत रखनेवालों को सभी सुख प्राप्त होते हैं, उनके सभी दुख या कष्ट खत्म हो जाते हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर बताते हैं कि प्रदोष व्रत करनेवालों को किसी भी प्रकार का भय नहीं रहता है। इस दिन प्रदोष काल यानि शाम के समय शिव पूजन करना चाहिए. प्रदोष व्रत में शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाकर सफेद फूलों की माला अर्पित करना चाहिए। इस दिन शिवाभिषेक करें और संभव हो तो धतूरा और भांग चढ़ाएं। शिव चालीसा या शिव तांडव स्तोत्र का पाठ भी करें।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई के अनुसार इस दिन सुबह उठकर सूर्य को जल अर्पित करें और शिवजी का ध्यान करते हुए व्रत व पूजा का संकल्प लें। शाम को धूप दीप आदि से भगवान शिव की आरती करें। शिवजी का ध्यान करते सरल शिव मंत्र- ॐ नमः शिवाय का अधिक से अधिक जाप करें। भगवान शिव को खीर का भोग लगाएं। पूजा संपन्न होने पर अपनी मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें।
प्रदोष व्रत पूजा शुभ मुहूर्त
त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ: 26 मार्च 2021 शुक्रवार प्रात: 08 बजकर 21 मिनट से
त्रयोदशी समाप्त- 27 मार्च 2021 शनिवार प्रात: 06 बजकर 11 मिनट
प्रदोष पूजा मुहूर्त: 26 मार्च शाम 6 बजकर 36 मिनट से रात्रि 8 बजकर 56 मिनट तक
Published on:
25 Mar 2021 05:50 pm
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