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आईपीएस सुनील दत्त और संजय श्रोत्रिय को राष्ट्रपति पुलिस पदक

पुलिस पदक के लिए चुने गए आईपीएस शंकर दत्त शर्मा

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जयपुर

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Lalit Tiwari

Aug 14, 2020

आईपीएस सुनील दत्त और संजय श्रोत्रिय को राष्ट्रपति पुलिस पदक

आईपीएस सुनील दत्त और संजय श्रोत्रिय को राष्ट्रपति पुलिस पदक

प्रदेश के भारतीय पुलिस सेवा के दो वरिष्ठ अधिकारियों को पुलिस सेवा के दौरान उत्कृष्ट कार्यो के लिए सर्वोच्च पुलिस सम्मान राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान करने की घोषणा की गई हैं।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस सुनील दत्त एवं उपमहानिरीक्षक पुलिस संजय श्रोत्रिय को इस सम्मान के लिए चुना गया हैं। पुलिस अधीक्षक शंकर दत्त शर्मा सहित 16 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा।

पुलिस में 15 वर्ष से अधिक की बेदाग और सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक प्रदान किया जाता हैं। पुलिस पदक मिलने के 7 वर्ष बाद की बेदाग और उत्कृष्ट सेवाओं पर राष्ट्रपति पुलिस पदक के लिए चुना जाता है।

भारतीय पुलिस सेवा के वर्ष 1993 बैच के अधिकारी अतिरिक्त महानिदेशक दूरसंचार सुनील दत्त ने 5 जिलों में पुलिस अधीक्षक पद एवं 2 रेंज को संभालते हुए अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। सुनील दत्त ने झालावाड़ पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्य करते हुए अफीम माफिया के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की।


उपमहानिरीक्षक संजय श्रोत्रिय ने वर्ष 1987 में राज्य पुलिस सेवा में प्रवेश किया और व्रताधिकारी के तौर पर सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा, जयपुर शहर सहित अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय सेवाएं दी । विशेष रूप से डकैती की समस्या, कानून व्यवस्था की स्थिति और सांप्रदायिक तनाव की स्थितियों में अपनी उत्कृष्ट कार्य शैली का परिचय दिया। श्रोत्रिय ने सीआईडी सीबी, सतर्कता शाखा राज्यपाल के एडीसी और राजस्थान पुलिस अकादमी में प्रशिक्षक के तौर पर भी उल्लेखनीय सेवाएं दी । पुलिस अधीक्षक के तौर पर आपने जयपुर एंटी करप्शन ब्यूरो डीसीपी ट्रेफिक और मुख्यमंत्री कार्यालय में सराहनीय सेवाएं प्रदान की।


पुलिस पदक के लिए चुने गए शंकर दत्त शर्मा ने वर्ष 1996 में राज्य पुलिस सेवा में प्रवेश किया और 21 वर्षों की इफेक्टिव पुलिसिंग के बाद वर्ष 2017 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत हुए। शंकर दत्त शर्मा ने सांप्रदायिक तनाव की स्थितियों को संभालने व कानून व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने में सदैव उल्लेखनीय कार्य किया। पुलिस अधीक्षक पद पर कार्य करते हुए सीमावर्ती जिले डूंगरपुर में शराब की तस्करी को रोकने की प्रभावी कार्यवाही की एवं करीब ₹10 करोड़ लागत की एक लाख लीटर से अधिक अवैध शराब जप्त की तथा 794 व्यक्तियों को गिरफ्तार करवाया। एंटी करप्शन ब्यूरो में कार्यकाल के दौरान खनन विभाग , जलदाय विभाग , नगर निगम, जेडीए, राजस्व, शिक्षा एवं पुलिस सहित अन्य विभागों में भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की।