
केले को पोषक तत्वों का पॉवर हाउस कहा जाता है जिसमें सभी तरह के जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स की पर्याप्त मात्रा होती है। अब जापान की फार्म में किसानों ने एक ऐसा केला बनाया है जिसे छिलके के साथ खाया जा सकता है। यानि अब केला खाने से पहले उसको छिलने का झंझट पूरी तरह खत्म हो गया है। इसका एक फायदा और है कि अब केले के छिलके पर पैर पडऩे से फिसलने का भी खतरा कम हो जाएगा। किसानों का दावा है कि इस केले में बहुत अधिक पोषक तत्व होते हैं जिससे शरीर और त्वचा में निखार लंबे समय तक बना रहता है।
उत्तरी जापान के डी एंड टी फार्म में किसानों ने जो बिना छिलकर खाने वाला केला बनाया है उसे ‘मोंगी बनाना’ नाम दिया है। जापान के मोंगी शब्द का अर्थ अतुल्य होता है। ये केला सामान्य केले की तुलना में बहुत मीठा होता है जिसे बिना छिले खाने पर अच्छा स्वाद आता है। इसे बनाने के लिए किसानों ने ऐसे तत्वों का प्रयोग किया है जिसमें पार्यप्त मात्रा में विटामिन-6, फैट और मैगनीशियम के साथ 24.8 ग्राम शुगर की मात्रा है। इसके साथ ही इसमें 'ट्रिप्टोफैन' जो सेरोटॉनिन का कच्चा तत्व है उसमें प्रचुर मात्रा मिलता है जो दिमाग को स्थिर करता है और अच्छी नींद लाता है। एक केले की कीमत छह डॉलर करीब 390 रुपए है।
जेनेटिक इंजीनियरिंग तकनीक से बना यह खास केला
किसानों ने फ्रीजथॉ अवेकनिंग तकनीक पर ये केला तैयार किया है जिसे जेनेटिक इंजीनियरिंग भी कहते हैं। इसके लिए केले के पौधे को 76 डिग्री फारेनाहइट पर उगाया गया है। इसके बाद इसे 76 डिग्री फारेनहाइट पर इस पौधे को दोबारा नई जगह लगाया गया है जिससे इसका विकास तेजी से हो सके। जब इसमें फल आया तो अधिक तापमान पर होने की वजह से ये गुदे के साथ पक गया और छिलका भी उसी के स्वाद में आ गया।
Published on:
20 Feb 2018 06:07 pm
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