
जयपुर
राज्य सरकार ने सिंधी कैंप के बाहर से सभी निजी बसों को शहर में बनाए तीन स्टेण्डों पर शिफ्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि बुधवार को सीकर रोड पर राजस्थान लोक सेवा परिवहन बस के संचालकों के विरोध के चलते इस कार्रवाई को दो दिन के लिए टाल दिया गया है। सिंधी कैंप स्थित राजस्थान पथ परिवहन निगम के बस स्टेण्ड के बाहर निजी और राजस्थान लोक सेवा परिवहन की बसों के जमावड़े से जहां यातायात व्यवस्था चरमरा रही है, वहीं रोडवेज को नुकसान हो रहा है।
इसको देखते हुए सरकार ने इस बस स्टैण्ड के बाहर खड़ी होने वाली सभी बसों पर रोक लगा दी। इसके तहत पुलिस ने बुधवार दोपहर में सीकर की ओर से आने वाली सभी निजी बसों को रोड नंबर 14 वीकेआई (दिल्ली बाइपास) से आतिश मार्केट स्थित नए बस स्टेण्ड पर जाने के लिए कह दिया। इसका लोक सेवा परिवहन सेवा की बसों के संचालकों ने विरोध किया और जोड़ला पावर हाउस के यहां फ्ïलाईओवर के पास यात्रियों को उतारने के बाद बसों को खड़ा कर दिया। बसों की कतार लगने की सूचना मिलने पर एसीपी ट्रैफिक महेश शर्मा मौके पर पहुंचे और बस संचालकों को समझाया। पुलिस ने संचालकों को दो दिन की मोहलत देकर सिंधी कैंप जाने दिया।
वरना ***** जाम
राजस्थान लोक सेवा परिवहन के बस संचालकों के प्रतिनिधि राकेश गजराज ने बताया कि सरकार ने पीपीपी मोड पर बसों को रोडवेज बस स्टेण्डों से चलाने का वादा किया था। सरकार पहले ही इससे पलट चुकी है। अब सरकार सिंधी कैंप से दूर बसों को जबरन खड़ा करवाना चाह रही है। सरकार ने दो दिन में मांग नहीं मानी तो चक्काजाम किया जाएगा।
सिंधी कैंप से सभी निजी बसों को तीन अलग-अलग नए स्टेण्ड पर खड़े करवाने के निर्देश हुए हैं। आज के विरोध के बाद इनको दो दिन की मोहलत दी गई है। इस दौरान आरटीओ के साथ बस संचालकों की बैठक होगी।
Published on:
21 Sept 2017 10:54 am
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