
jkk Paper Plane
जवाहर कला केन्द्र परिसर में बहुत-से पेपर प्लेन उड़ते नजर आए। बच्चों के इशारों पर ये प्लेन एक से दूसरे छोर तक जाते दिखाई दिए। पेपर प्लेन को बनाने की तकनीक से लेकर उड़ाने के फॉर्मेट को छोटे-छोटे बच्चों ने बड़े गौर से जाना और समझा। मौका था, ऑस्ट्रेलियन हाई कमीशन और जेकेके की ओर से आयोजित कार्यक्रम 'कॉलिंग ऑल फ्लायर्स का।
कार्यक्रम में बच्चों के लिए ऑस्ट्रेलिया की हिट पारिवारिक फिल्म 'पेपर प्लेन्स की विशेष स्क्रीनिंग की गई। इसमें एेसे बच्चे की कहानी को दिखाया गया, जो स्कूल में पेपर प्लेन बनाने को लेकर जाना जाता था और वह अपने टैलेंट के दम पर पेपर प्लेन वल्र्ड चैम्पियनशिप को जीतता है। पेपर प्लेन के जरिए टीचिंग मैथड और साइंस से जुड़ी कई अवधारणाओं को फिल्म में समझाया गया।
अमरीका में करिकुलम का हिस्सा
पार्कर ने बताया कि पेपर प्लेन अमरीका सहित कई देशों में एजुकेशन करिकुलम का हिस्सा है, जिससे न केवल बच्चे जुड़े हुए हैं, जबकि टीचर्स भी जुड़े हुए हैं। यह आर्ट फॉर्मेट की तरह है, जिसके जरिए खेल-ख्रेल में साइंस और ग्रैविटी की नॉलेज मिल सकती है।
पांच शहरों के बच्चों से मिल रहे हैं
नॉर्टन ने बताया कि पेपर प्लेन से जुड़ी एक्टिविटी के तहत हम इंडिया के पांच शहर मुम्बई, चेन्नई, दिल्ली और जयपुर के बाद अब कोलकाता के स्कूली बच्चों से मिल रहे हैं। हम साइंस और ग्रैविटी से जुड़ी नॉलेज को एक कागज के जरिए समझा रहे हैं। यही एक्सपीरियंस बच्चे अपने फ्रेंड्स और स्कूल के टीचर्स के साथ शेयर करेंगे।
Published on:
20 Feb 2017 12:14 pm
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