
रावला क्षेत्र के किसान शिवप्रकाश भादू और उनकी पत्नी इंद्रा देवी (फोटो-पत्रिका)
श्रीगंगानगर। खेतों में रसायनों की जगह प्रकृति पर भरोसा करने वाले किसानों की मेहनत अब राष्ट्रीय मंच पर सम्मान पाने जा रही है। गणतंत्र दिवस पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने श्रीगंगानगर जिले के रावला क्षेत्र के गांव 4 डीओएल निवासी जैविक किसान शिवप्रकाश भादू और उनकी पत्नी इंद्रा देवी का चयन विशेष अतिथि के रूप में किया है।
भादू दंपती कई वर्षों से 40 बीघा भूमि पर जैविक खेती कर रहे हैं। रासायनिक खाद और कीटनाशकों का त्याग कर गोबर खाद, जीवामृत और प्राकृतिक संसाधनों के सहारे खेती की। इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ी, बल्कि फसलों की गुणवत्ता में सुधार और लागत में कमी आने से आय में भी बढ़ोतरी हुई। जैविक खेती में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें जिला और राज्य स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।
राजस्थान से 10 प्रगतिशील कृषक दंपती को गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है। इनमें अलवर जिले के धर्मपुरा पीएस गांव के बंशी राम गुर्जर-राजवंती, गुजुकी पीएस गांव के महेंद्र सैनी-अनीता, कोटा जिले के खेड़ारूधा गांव के ईश्वरचंद गौतम-अन्नतमा, जालोर जिले के सांचौर क्षेत्र के रावनका बास निवासी शंभूसिंह एस.राय-दादमा, दौसा जिले के खाटवा-लोसन गांव के श्यामसुंदर शर्मा-गायत्री, हनुमानगढ़ जिले के तुलाराम-कमला, करौली जिले के धान्नीराम-सारदा, धौलपुर जिले के भरत पाठक-सोनम और जयपुर जिले के सुरेंद्र आवाना-लक्ष्मी शामिल हैं।
अतिरिक्त निदेशक कृषि अनुसंधान अजय कुमार पचौरी के अनुसार, लाल किले की परेड में इन किसानों की उपस्थिति देशभर के किसानों के लिए प्रेरणा बनेगी और जैविक खेती को नई राष्ट्रीय पहचान दिलाएगी।
Updated on:
23 Jan 2026 08:52 pm
Published on:
23 Jan 2026 08:51 pm
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