25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Success Story: शेखावाटी क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच भाई-बहन बने डॉक्टर, नई पीढ़ी के लिए बने प्रेरणा

राजस्थान के शेखावटी क्षेत्र के झुंझुनूं जिले में पांच भाई-बहनों ने शिक्षा के दम पर समाज में मिसाल पेश की है। एक ही परिवार के पांच भाई-बहनों के डॉक्टर बनने पर सुनीता बैसला ने गुरुवार को सभी को सम्मानित किया।

less than 1 minute read
Google source verification
jhunjhunu doctor Family

फोटो-पत्रिका

झुंझुनूं। शिक्षा और परिश्रम की मिसाल पेश करते हुए खेतड़ी क्षेत्र के प्रतापपुरा गांव की ढाणी नया कुआं के एक ही परिवार से पांच भाई-बहनों के डॉक्टर बनने की उपलब्धि पर गुरुवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर गुर्जर आरक्षण आंदोलन के प्रणेता स्व. कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला की पुत्री एवं पूर्व प्रधान आयकर महानिदेशक, दिल्ली सुनीता बैसला ने परिवार के सभी डॉक्टरों का सम्मान कर उनका अभिनंदन किया।

कार्यक्रम के दौरान सुनीता बैसला ने भूराराम चंदेला के निवास पर पहुंचकर डॉक्टर नीरू गुर्जर (पुत्री प्रेम प्रकाश चंदेला), डॉक्टर निशा गुर्जर एवं डॉक्टर मोनिका गुर्जर (पुत्रियां महेंद्र सिंह चंदेला), डॉक्टर अनोज (पुत्री विजेंद्र सिंह चंदेला) तथा डॉक्टर अजय (पुत्र जितेंद्र सिंह चंदेला) को दुपट्टा ओढ़ाकर और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान परिवार और गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

सुनीता बैसला ने क्या कहा?

अपने संबोधन में सुनीता बैसला ने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर एक ही परिवार के पांच बच्चों का डॉक्टर बनना समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज जब गांव-गांव और घर-घर से बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और अधिकारी बन रहे हैं, तो यह कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला के उस सपने के साकार होने जैसा है, जिसमें उन्होंने समाज को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ते देखने की कल्पना की थी। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार मानते हुए कठिन परिश्रम और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में ये लोग हुए शामिल

कार्यक्रम में सीएमएचओ झुंझुनूं डॉ. छोटेलाल गुर्जर, पूर्व विधायक हजारी लाल गुर्जर, हजारीलाल ग्रेट, हरि सिंह चंदेला, बनवारी लाल चंदेला, प्रेमचंद चंदेला, रामेश्वर लाल खटाना, डॉ. रामकुमार सिराधना सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने परिवार को बधाई देते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया।