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Pushya Nakshtra 2024: साल का आखिरी पुष्य नक्षत्र योग पर प्रथम पूज्य गजानन का हुआ पंचामृत अभिषेक, दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

बुध पुष्य नक्षत्र पर आज शहरभर के गणेश मंदिरों में प्रथम पूज्य भगवान गजानन का पंचामृत अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण करवाई गई।

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pushya Nakshtra 2024

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जयपुर. बुध पुष्य नक्षत्र पर आज शहरभर के गणेश मंदिरों में प्रथम पूज्य भगवान गजानन का पंचामृत अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण करवाई गई। इस मौके पर गणेशजी का फूलों से मनमोहक शृंगार भी किया गया। मोदक भोग अर्पित कर भक्तों को प्रसाद व रक्षा सूत्र बांटे गए। इसके बाद गणेशजी को फूल बंगले में विराजमान किया गया।

1001 मोदक अर्पित किए

मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर में महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में भगवान गजानन का 151 किलो दूध, 21 किलो दही, सवा पांच किलो घी, 21 किलो बूरा, शहद, केवड़ा व गुलाब जल एवं इत्र से अभिषेक किया गया। इसके बाद गंगाजल से शुद्ध स्नान करवा कर भगवान को नवीन पोशाक धारण करवाई गई। श्री गणपति सहस्त्रनाम से 1001 मोदक अर्पित किए गए।

यहां भी हुए आयोजन

सूरजपोल बाजार स्थित श्वेत सिद्धि विनायक गणेशजी मंदिर में गणेशजी का वेदमंत्रों के बीच दुग्धाभिषेक किया गया। मंदिर पं. नलिन शर्मा के सान्निध्य में महालक्ष्मी की प्राप्ति के लिए हवन किया गया। इसके बाद मूंग के लड्डुओं का भोग लगाकर भक्तों को प्रसाद बांटा गया। इस मौके पर भगवान गणेश को खीर का विशेष भोग लगाया गया।

ब्रह्मपुरी माउंट रोड स्थित दाहिनी सूूड वाले नहर के गणेशजी मंदिर में महंत पं जय शर्मा के सान्निध्य में श्री गणपति अथर्वशीर्ष और श्री गणपति अष्टोत्तरशत नामावली से गणेशजी का पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके बाद नवीन पोशाक धारण करवाकर शृंगार किया गया।

सजी 56 भोग की झांकी

चांदपोल परकोटा गणेश मंदिर में महंत अमित शर्मा के सान्निध्य में सुबह गणेश जी का 101 किलो दूध, दही, बूरा, शहद घी से अभिषेक किया गया। नवीन चोला धारण कराकर 56 भाेग की झांकी सजाई गई। गणेश जी को सोने पन्ने मोती का तिलक धारण करवाया गया। गणपति अथर्वशीर्ष अष्टोत्तर नामावली से प्रथम पूज्य को 108 मोदक अर्पित किए गए। श्रद्धालुओं को रक्षा सूत्र बांध हल्दी की गांठ व सुपारी वितरित की गई। इस मौके पर मंदिर परिसर को फूलों और बांदरवाल से सजाया गया।