
Holi Celebration 2022: इन जगहों पर बड़े अनोखे अंदाज में मनाई जाती है होली
तीर्थराज पुष्कर में बृज चौरासी की तरह 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग और सरोवर के घाटों पर अयोध्या की तरह हजारों दीप झिलमिलाते नजर आएंगे। राज्य सरकार और आरटीडीसी ने कोटा के चंबल रिवर फ्रंट की तर्ज पर पुष्कर विकास की विशेष योजना बनाई है। मशहूर आर्किटेक्ट से ड्राइंग भी बनवाई जा रही है। प्रजापिता ब्रह्माजी की नगरी में 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग बना हुआ है, लेकिन मार्ग कई जगह ऊबड़-खाबड़, पथरीला और असहज करने वाला है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत साल 2022-23 के बजट भाषण में पुष्कर को धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा कर चुके हैं। पुष्कर सरोवर पर 52 घाट बने हैं। सरकार चम्बल रिवर फ्रंट की तरह पुष्कर के घाटों का जीर्णोद्धार कराएगी।
यह है प्रस्तावित योजना
यह है 24 कोसीय मार्ग
महर्षि विश्वामित्र, मार्कण्डय, मृकण्ड, जमदग्नि, लोमेश ऋषि आश्रम, महर्षि, अगस्त, वामदेव गुफा, नंदा सरस्वती संगम स्थल, गालव बावड़ी, पाप मोचनी माता मंदिर, कपिल कुण्ड, पंचकुंड, गुरु मुख, नीलकंठ महादेव मंदिर, मध्य पुष्कर, गया कुण्ड, सुधाबाय, बूढ़ा पुष्कर, प्राचीन बैजनाथ महादेव, अजगंधेश्वर महादेव, कानबाय प्राचीन कृष्ण-राधा मंदिर, ककड़ेश्वर-मकड़ेश्वर मंदिर, राजाभृतहरि की गुफा, झरनेश्वर, कल्पवृक्ष कपालेश्वर महादेव, ब्रह्म पुष्कर और अन्य
बृज चौरासी की तरह 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग तैयार किया जाएगा। अयोध्या की तरह दीपोत्सव की शुरुआत करेंगे। घाटों को चम्बल रिवर फ्रंट की तर्ज पर बनाने के लिए डिजाइन तैयार करा रहे हैं।
- धर्मेन्द्र राठौड़, अध्यक्ष, आरटीडीसी
Published on:
07 Oct 2022 08:35 pm
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