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शहादत का सम्मान, जयपुर की क्वींस रोड का नाम अब परम​वीर चक्र विजेता होशियार सिंह के नाम पर

पहले सर्वोच्च सम्मान:1971 की लड़ाई के लिए मिला था परमवीर चक्र, जयपुर की वैशाली नगर स्थित क्वींस रोड अब होशियार सिंह मार्ग, मंगलवार को विजय द्वार पर हुए अनावरण समारोह में परिजनों ने कहा कि हम सभी के लिए यह गर्व की बात

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अश्विनी भदौरिया / जयपुर. राजधानी के वैशाली नगर की क्वींस रोड अब होशियार सिंह मार्ग के नाम से जानी जाएगी। मंगलवार को इस मार्ग का अनावरण समारोह हुआ। परमवीर चक्र विजेता कर्नल होशियार सिंह के नाम पर इस रोड का नामकरण किया गया है। 1971 में पाकिस्तान से युद्ध में होशियार सिंह ने अदम्य साहस का परिचय दिया था। इसी को देखते हुए उन्हें सेना ने सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र से नवाजा था। अब राजधानी में उनके नाम से सड़क भी हो गई है।

विजय द्वार पर कर्नल होशियार सिंह की प्रतिमा भी लगाई गई है। कार्यक्रम में इसका अनावरण दक्षिण पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर ने किया। इस मौके पर होशियार सिंह के परिजनों के अलावा सेना के आला अधिकारी भी उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारतीय सेना की शानदार जीत के 50 साल पूरे होने पर 'स्वर्णिम विजय वर्ष' मनाया जा रहा है। उसी के तहत समारोह हुआ।

पत्नी बोलीं, वे दुनिया में नाम रोशन कर गए
बातचीत के दौरान होशियार सिंह की पत्नी धन्नो देवी ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व की बात है। हम सभी के लिए यह बड़ा सम्मान है। सेना के मौजूदा अधिकारियों ने भी इसके लिए बहुत मेहनत की है। वे भले ही दुनिया में नहीं रहे, लेकिन अपना नाम रोशन कर गए।

सेवानिवृत होने के बाद जयपुर में ही रहे

सिंह का जन्म सोनीपत के गांव सिसाणा में पांच मई, 1937 को हुआ था। 1957 में वे जवान के रूप में सेना में भर्ती हुए। 30 जून 1963 को 3 ग्रिनेडियर्स में कमीशन प्राप्त किया था। 1971 में हुए पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। 13 जनवरी 1972 को परमवीर चक्र की विधिवत घोषणा हुई। 26 जनवरी, 1972 को सेना के सर्वोच्च सम्मान से उन्हें नवाजा गया। सिंह 31 मई, 1988 में सेना से कर्नल रहते हुए सेवानिवृत हुए। खातीपुरा की कृष्णा कॉलोनी में मकान बनाया और यहीं पर परिवार के साथ रहे। छह दिसम्बर, 1998 में उन्होंने अंतिम सांस ली।