अडानी सहित 12 कंपनियों को दे रहे रियायती जमीन
भवनेश गुप्ता
जयपुर। अक्षय ऊर्जा (सौर, पवन व ग्रीन हाइड्रोजन) उत्पादन में सिरमौर बनने के बाद राजस्थान में निवेशकों की संख्या बढ़ गई है। सरकार अब इन्हें रियायती दर पर जमीन देने की भी तैयारी कर रही है। इनमें अडानी ग्रीन, सौर्य उर्जा व एस्सल कंपनी शामिल है, जिनका राजस्थान सरकार के साथ ज्वाइंट वेंचर भी है। जमीन आवंटन का प्रस्ताव राजस्व विभाग को भेजा गया है। खास यह है कि सरकार ने इन्हें कस्टमाइज पैकेज के जरिए बड़ी छूट दे रही है। इसमें भूमि सुरक्षा राशि से लेकर राज्य सरकार के हिस्से की जीएसटी राशि का हिस्सा लौटने सहित अन्य छूट शामिल है। इनके अलावा 12 अन्य कंपनियां भी है, जिनका प्रस्ताव अभी लंबित है। अडानी ग्रीन ने जैसलमेर और जालौर में जमीन चिन्हित की है।
इन्हें चाहिए सरकारी जमीन
-अडानी रिन्यूएबल एनर्जी पार्क राजस्थान लि. (एआरईपीआरएल)- जालौर में सोलर पार्क के लिए 2000 मेगावाट प्रोजेक्ट के लिए जमीन मांगी है।
-सौर्या ऊर्जा- बीकानेर में सोलर पार्क के लिए 2000 मेगावाट के लिए जमीन चाही है।
(दोनों ही मामले राजस्थान सरकार के साथ ज्वाइंट वेंचर के हैं और प्रस्ताव राजस्व विभाग के पास है)
इन कंपनियों ने अकेले चाही जमीन
-अडानी ग्रीन एनर्जी
-एकमे सोलर
-रिन्यू पावर
-टोरेंट पावर
-ईडन रिन्यूएबल
-एचपीसीएल-मित्तल
-एसीएमई क्लीनटैक सॉल्यूशन
-ग्रीनको एनर्जी
-वेन्नूर पावर
(इनका जमीन का प्रस्ताव अभी अक्षय ऊर्जा निगम के पास लंबित है। नीतिगत मामला है, जिन पर सरकार स्तर पर निर्णय होना है। इन्होंने बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, सांचौर जमीन चाही है)
यों दे रहे रियायत
1. भूमि सुरक्षा राशि 5 लाख रूपए प्रति मेगावाट ली जाती है, लेकिन सरकार इनसे 1 लाख रूपए प्रति मेगावाट लेगी। यानि, पांच गुना कम।
2. यदि प्रोजेक्ट की जमीन का हस्तांतरण ग्रुप कंपनी की किसी सहायक या नियंत्रित कंपनी को करते हैं तो निर्धारित लीज शुल्क 150 प्रतिशत की बजाय 100 प्रतिशत लेंगे।
3. राज्य सरकार को दी गई जीएसएटी में 75 प्रतिशत राशि कंपनियों को वापिस मिल सकेगी। (यदि वे स्थानीय मेन्यूफ्रेक्चरर्स से इस प्रोजेक्ट से संबंधित उपकरण खरीदते हैं तो)
4. सोलर, विंड और हाइब्रिड पावर प्लांट लगाने के लिए जमीन खरीदने या लीज पर लेने की सीलिंग लिमिट से छूट।
(अक्षय ऊर्जा प्लांट लगाने वाली कंपनियों के लिए रिप्स पॉलिसी के तहत)
जयपुर में बनेंगे सोलर पैनल
सोलर पैनल बनाने की यूनिट जयपुर के सेज (महिन्द्रा वल्र्ड सिटी) में ही लगेगी। एक कंपनी सालाना 4 हजार मेगावाट क्षमता के सोलर पैनल का निर्माण करेगी। शुरुआती निवेश 500 करोड़ रुपए होगा।