
पूजा स्पेशल सुपरफास्ट के चार ट्रिप का होगा संचालन
उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) तीन वर्ष से देशभर में समयपालना में पहले नंबर के पायदान पर काबिज है लेकिन टाइम मेनेजमेंट में फीसड्डी साबित हो रहा है। जिसकी सजा रेलयात्रियों को रेलवे स्टेशन व आउटर पर लंबा इंतजार कर चुकानी पड़ रही है। आश्चर्य है जिम्मेदार इससे अनजान बने हुए हैं। यात्रियों की इस पीड़ा को देखते हुए राजस्थान पत्रिका ने पड़ताल की। जिसमें पाया गया कि दुर्गापुरा से जयपुर जंक्शन पहुंचने में भोपाल-जोधपुर ट्रेन को 2 घंटे 10 मिनट लग रहे हैं जबकि वापस दुर्गापुरा यह ट्रेन 49 मिनट में ही पहुंच रही है।
इसी प्रकार मुंबई सुपरफास्ट ट्रेन दुर्गापुरा से 36 मिनट में जयपुर जंक्शन पहुंच रही है। इसे जयपुर जंक्शन से दुर्गापुरा पहुंचने में महज 8 मिनट लग रहे हैं। ऐसी ही स्थिति जयपुर से फुलेरा जंक्शन की ओर जाने वाली ट्रेनों के टाइम टेबल में दिखीं। जयपुर से फुलेरा जाने में मरुधर एक्सप्रेस ट्रेन को 1 घंटे 33 मिनट लग रहे हैं, जबकि वापसी में यह 1 घंटे 8 मिनट में जयपुर पहुंच रही है।
इसी प्रकार जम्मू-बाड़मेर ट्रेन जयपुर से फुलेरा 1 घंटा 19 मिनट में पहुंच रही जबकि फुलेरा से जयपुर आने में इसे महज 50 मिनट ही लग रहे हैं। रेवाड़ी-फुलेरा पैसेंजर ट्रेन के बधाल रेलवे स्टेशन पर आने जाने के समय में 34 मिनट का अंतर है। जयपुर जंक्शन पर उतरने वाले कई यात्री दुर्गापुरा ही उतर जाते हैं। वे घंटों इंतजार करने से उतरना ही बेहतर समझते हैं।
जल्द होगा बदलाव: जयपुर मंडल के सीनियर डीसीएम मुकेश सैनी का कहना है कि समय सारणी में जल्द बदलाव होगा। उसमें यह समस्या खत्म हो जाएगी। इस पर मंथन चल रहा है।
रेलवे अधिकारियों का तर्क : इस संबंध में रेलवे अधिकारियों का तर्क है कि कई रूटों पर दोहरीकरण नहीं था और इलेक्ट्रिक इंजन से भी ट्रेनें नहीं चलती हैं। इसलिए लंबी दूरी की कई ट्रेनें क्रॉसिंग समेत कई कारणों से लेट हो जाती थीं। वे बड़े स्टेशनों पर टाइम मेनेज कर लेती थीं। लेकिन अब वह पहले पहुंच रही हैं। सामने आया कि, जयपुर समेत बड़े स्टेशनों पर प्लेटफार्म की उपलब्धता न होने से छोटे स्टेशनों पर ठहराव समय बढ़ा दिया गया है।
Published on:
16 Sept 2022 07:45 pm

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