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इंसानियत जिंदा है… सात बहनों के इकलौते भाई के लिए जनता ने 24 घंटे में जुटा लिए 40 लाख.. माता पिता की मौत

ये रकम सबसे बडी बेटी के खाते में जमा की गई है और कैश के रुप मे भी मिली है। सबसे अच्छी बात ये है कि लोगों की मदद अब भी जारी है।

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जयपुर
बाडमेर में रविवार को सड़क हादसा हुआ। सिणधरी क्षेत्र में बस स्टैंड से उतरने के बाद सड़क पार कर रहे परिवार के कुछ लोगों को नशेड़ी बोलेरो चालक ने रौंद दिया। चार साल के बच्चे समेत छह लोग इसकी चपेट में आए और उनमें से चार की मौत हो चुकी है। जिन चार की मौत हुई उनमें चार साल के बच्चे जसराज के माता पिता और उसकी चाची और एक अन्य व्यकित है।

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जसराज की हालत गंभीर है। दरअसल खेतराम, उसकी पत्नी कोकू देवी, छोटा भाई उसकी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति खेताराम की सबसे बड़ी बेटी के लिए लड़का देखने जा रहे थे। लेकिन लड़के के घर पहुंचने से पहले माता पिता की जान चली गई। खेताराम के सात बेटियां हैं और उसके बाद चार साल का एक बेटा हैं। बाड़मेर में जब इस घटना के बारे मंे पता चला तो लोग परेशान हो गए।

दम्पत्ति के शव आए तो और ज्यादा कोहराम मच गया। लेकिन अब लोग बच्चों की मदद के लिए आगे आए हैं। जसराज के इलाज के लिए गांव के ही रहने वाले कुछ लोगों ने सोश्ल मीडिया पर मदद की मुहिम चलाई तो जोधपुर, बाडमेर और आसपास के कुछ जिलों से मदद आनी शुरु हो गई। बताया जा रहा है कि 24 घंटे में ही चालीस लाख से ज्यादा पैसा जमा हो गया है। ये रकम सबसे बडी बेटी के खाते में जमा की गई है और कैश के रुप मे भी मिली है। सबसे अच्छी बात ये है कि लोगों की मदद अब भी जारी है।

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