सूत्रों ने बताया कि डीपीआर को अपडेट करने की इस कवायद में सरकार एयरपोर्ट की जमीन और समीप से गुजर रहे दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे से इनकी कनेक्टिविटी को लेकर भी मंथन कर रही है। दरअसल, फिलहाल जो जमीन परियोजना के लिए निश्चित है उसमें निजी खातेदारी आ रही है। जबकि इसी के समीप ही सरकारी भूमि का विकल्प भी है। शुरुआती योजना के बाद एक्सप्रेस-वे का काम भी शुरू हो गया। ऐसे में सरकार सोच रही है कि इस मार्ग से भी एयरपोर्ट की सुगम कनेक्टिविटी मुहैया कराई जाए।