16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फसलों पर हुई थी ओलों की मार, राजस्थान के 11 जिलों के 85 गांवों के किसान हुए बर्बाद, अब सरकार देगी मुआवजा

आपदा प्रबंधन विभाग ने जारी की अधिसूचना

less than 1 minute read
Google source verification
farmers.jpg

Farmer


जयपुर।
राजय सरकार ने वर्ष 2020—21 में ओलावृष्टि से फसल खराबा होने पर की गई नियमित गिरदावरी रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश के 11 जिलों के 85 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है। इस संबध में आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से अधिसूचना प्रकाशित कर दी गई है।

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख सचिव आनंद कुमार ने बताया कि हनुमानगढ़ के 19, झुंझुनू के 28, भरतपुर के 9, कोटा के 8, सवाई माधोपुर के 6,बीकानेर के 4,टोंक जिले के 4 , बाड़मेर के 2, चित्तौड़गढ़ के 2, चूरू के 2 और अलवर जिले के 1 गांव को अभाव ग्रस्त घोषित किया है। यह प्रावधान प्रभावित गांवों में इस अधिसूचना के प्रकाशित होने से 30 सितम्बर, 2021 तक लागू रहेंगे।


राजस्थान में कभी ओलों की मार से तो कभी सूखे की मार से किसानों की फसलें बर्बाद हो जाती हैं और वे बर्बादी के कगार पर पहुंच जाते हैं। सरकार फसलों के खराबे की गिरदावरी कराती है और उस रिपोर्ट के आधार पर फसल खराबा होता है और फिर किसानों को मुआवजा मिलता है। इससे पहले भी 2019 और 2020 में भी सरकार गावों को अभाव ग्रस्त घोषित कर किसानों को मुआवजा दे चुकी है।

इस मानसून में हाड़ौती के कोटा समेत चार जिलों में भारी बारिश हुए। इस बारिश में इन जिलों के किसानों की सोयाबीन,चावल व अन्य फसलें पूरी तरह तबाह हो गई। केन्द्रीय अध्ययन दल के दौरे के बाद सरकार ने केन्द्र सरकार से राहत पैकेज मांगा है।