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गहलोत सरकार में नॉन-परफॉर्मिंग मंत्रियों पर गिरेगी गाज, सामने आई ये बड़ी खबर

गहलोत सरकार में मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाएं, इस बीच जानें क्या आई बड़ी खबर?

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Rajasthan Ashok Gehlot Cabinet Reshuffle Latest News Update

जयपुर।


राजस्थान में सरकार रिपीट करने के दावे के साथ कांग्रेस पार्टी मिशन मोड में जुटी हुई है। सत्ता से लेकर संगठन तक एक्टिव मोड में आते दिख रहे हैं। इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि चुनावी वर्ष आने के साथ ही सरकार और संगठन स्तर पर खासा हलचलें होनी शुरू हो गई हैं।

इसी क्रम में अब गहलोत सरकार अपने तमाम महकमों और उनके मंत्रियों की परफॉर्मेंस जांचने जा रही है। इसे लेकर सरकार बाकायदा दो दिन की 'चिंतन बैठक' बुलाने जा रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को मीडिया से बातचीत में इस बारे में जानकारी दी।

16-17 जनवरी को होगा 'चिंतन'

गहलोत सरकार के मंत्रियों और उनके विभागों की परफॉर्मेंस की समीक्षा के लिए 16 और 17 जनवरी को राजधानी जयपुर में बैठक बुलाई जा रही है। इस 'चिंतन बैठक' में हर विभाग के मंत्री अपने विभाग के बारे में ब्रीफ करेंगे। संबंधित महकमे में सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन, उपलब्धियां और कमियां सहित कई पहलुओं की ताज़ा स्थितियों से मंत्री 'सरकार' को अवगत कराएंगे।

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'अब अफसर नहीं, मंत्री बताएंगे परफॉर्मेंस'

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जयपुर के ओटीएस में 16-17 जनवरी को मीटिंग बुलाई गई है। 'चिंतन शिविर' के रूप में हम लोग सरकार और उसके हर विभाग की परफॉर्मेंस की समीक्षा करेंगे। इस बार हमारे प्रिंसिपल सेक्रेटरी की बजाय मंत्री अपने-अपने विभाग के बारे में ब्रीफ करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कवायद से हम आपस में बैठकर विचार-विमर्श कर सकेंगे कि सरकार ने जो प्रोग्राम दिए हैं और घोषणाएं की हैं, उनका इम्पैक्ट क्या है? उसमें कोई कमियां होंगी उसको ठीक करेंगे, नए प्रोग्राम बनाने हैं तो आगामी बजट में उसका प्रावधान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन का 'चिंतन शिविर' पहले भी हुआ था ओटीएस में, उसी ढंग का दो दिन का चिंतन शिविर वापस करने जा रहे हैं। उम्मीद है कि इस माध्यम से हम लोकलुभावन बजट की तैयारी कर सकें।

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भाजपा क्यों कर रही चिंता?: गहलोत

पूर्व की घोषणाओं को लेकर भाजपा की ओर से उठाए जा रहे सवाल पर मुख्यमंत्री ने पलटवार किया है। सीएम गहलोत ने भाजपा नेताओं के लिए कहा कि चार साल से इनको देख रहे हैं, असेंबली में हर बार इनकी पिटाई होती है। जब हम बजट पेश करते हैं, तो ये छिपकर भागते हैं, इनमें इतना कॉन्फिडेंस नहीं है कि मीडिया को फेस कर सकें।

सीएम गहलोत ने कहा कि 4 साल के बजट के अंदर ऐसी मैंने पिटाई इनकी कभी नहीं देखी कि ये खड़े होकर मीडिया से बात भी नहीं कर पा रहे हैं और मुझे कहते हैं असेंबली के अंदर कि पैसा कहां से लाओगे ? पैसा कहां से आएगा इसकी चिंता मुझे करनी चाहिए, बजट मैंने पेश किया है, आप क्यों चिंता कर रहे हो ?

लापरवाह मंत्री-नेताओं पर गिरेगी गाज!

कांग्रेस के 26 जनवरी से शुरू हो रहे 'हाथ से हाथ जोड़ो' अभियान को लेकर जयपुर में रविवार को हुई बैठक में कई मंत्रियों-विधायकों और कई सीनियर नेताओं की गैर मौजूदगी रही। इसे गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रभारी और पर्यवेक्षक की मौजूदगी के बावजूद जो नहीं आए हैं उन्हें समझा दिया जाएगा कि इसकी गंभीरता कितनी है। पार्टी में यह चर्चा थी कि अगली बैठक में जो नहीं आएगा उन पर गाज गिर सकती है। अब पीसीसी का विस्तार भी होगा, टिकट वितरण भी होगा उसमें सभी बातें ध्यान में रखी जाएंगी। बैठक के बाद में मुख्यमंत्री से मंत्रिमंडल फेरबदल संबंधी सवाल भी पूछा गया? इस पर उन्होंने अभियान पर ही जोर देने की बात कही।

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