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कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया विधानसभा में हुए विवाद के पीछे का पूरा सच, आगे की ये है पूरी प्लानिंग

Rajasthan Assembly Dispute: उन्होंने स्पष्ट किया कि दादी… शब्द असंसदीय नहीं है, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस नेता भड़क गए और स्पीकर के आसन की ओर बढ़ने लगे। वे हमला करने वाले ही थे।

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Dadi Word Controversy: राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। भाजपा के मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियों को आपत्तिजनक बताया। आज कैबिनेट मिनिस्टर जोगाराम पटेल का बयान सामने आया है। उनका कहना है कि हम यह गतिरोध खत्म करने की कोशिश आज फिर से करेंगे और इसका समाधान निकालेंगे।

दादी शब्द से हुई विवाद की शुरुआत… उसके बाद बढ़ा बवाल
मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि सामाजिक कल्याण मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल की योजनाओं का उल्लेख किया, जो किसी भी तरह से गलत नहीं था और इसका उद्देश्य अपमान करना नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि दादी… शब्द असंसदीय नहीं है, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस नेता भड़क गए और स्पीकर के आसन की ओर बढ़ने लगे। वे हमला करने वाले ही थे।

उनका आचरण गलत था, उनको आसान का सम्मान करना चाहिए था
कांग्रेस नेताओं के इस आचरण को गलत बताते हुए जोगाराम पटेल ने कहा कि कांग्रेस को अपने व्यवहार के लिए खेद प्रकट करना चाहिए। हमने कल दिन में भी दो से तीन बार वार्ता की। रात को भी की लेकिन वे लोग गतिरोध नहीं तोड़ना चाहते। जब तक वे अपने बर्ताव के लिए माफी नहीं मांगते हैं तब तक यह गतिरोध नहीं टूटेगा। उन्होंने इसे लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला कदम है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस नेता जानबूझकर मुद्दों को भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।

सदन की कार्यवाही बाधित
कांग्रेस नेताओं के विरोध के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हो गई और विधानसभा को स्थगित करना पड़ा। भाजपा का कहना है कि विपक्ष ने जानबूझकर हंगामा खड़ा किया, जबकि कांग्रेस का आरोप है कि सरकार असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रही है।

गतिरोध समाप्त करने की कोशिशें
मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि वे सदन में शांति बनाए रखने के लिए बातचीत करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष अपने गलत शब्दों पर खेद व्यक्त करता है तो कार्यवाही फिर से शुरू हो सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अध्यक्ष का सम्मान हर सदस्य का कर्तव्य है और आसन की ओर बढ़ना एक अनुचित कदम था। भाजपा ने साफ किया है कि जब तक कांग्रेस माफी नहीं मांगती, तब तक गतिरोध बना रहेगा। पटेल ने कहा कि जिन सदस्यों को बाहर निकाला गया है वे वापस नहीं लिए जाएंगे। उधर कांग्रेस पक्ष ने अपने रूख पर अड़े रहने के संकेत दिए हैं। उन्होनें विधानसभा में ही रात गुजारी है। आज सवेरे भी सभी लोग वहीं हैं।