
भवनेश गुप्ता
Rajasthan Assembly Election 2023 : पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा जिन संभाग में कमजोर रही, वहां प्रत्याशी चयन में पार्टी फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है। यही वजह है कि सबसे कमजोर भरतपुर संभाग में अभी तक आधी सीटों पर ही प्रत्याशी घोषित कर पाई है। यहां भाजपा का अब एक भी विधायक नहीं है।
एक सीट जीती थी, लेकिन विधायक शोभारानी कुशवाह अब कांग्रेस का दामन थाम चुकी हैं। दूसरी ओर जोधपुर संभाग में अभी तक कई सीटों पर जिताऊ चेहरे की तलाश पूरी नहीं हो पाई। यहां 33 में से 16 सीट पर कांग्रेस काबिज है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृह जिला भी यही है। यही कारण है कि पार्टी ने अभी तक केवल 17 सीट पर ही प्रत्याशी उतारे हैं। सरदारपुरा, सूरसागर सहित कई चर्चित सीट के लिए चेहरा ढूंढ रहे हैं।
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गहलोत के सामने ढूंढ रहे बड़ा चेहरा: जोधपुर संभाग में 16 सीटों पर कांग्रेस, 14 पर भाजपा, 1 पर आरएलपी व दो पर निर्दलीय काबिज हैं। कांग्रेस ने सीएम गहलोत को सरदारपुरा से उतारा है। भाजपा यहां बड़ा चेहरा ढूंढ रही है।
किस संभाग में कितने टिकट बंटे:-
संभाग-कुल-टिकट
जयपुर-50-31
जोधपुर-33-17
अजमेर-29-21
उदयपुर-28-22
बीकानेर-24-16
कोटा-17-08
भरतपुर-19-09
पीएम मोदी ने यहां यहां की सभाएं ...
■ अजमेर संभागः 8 जनवरी को भीलवाड़ा और फिर 31 जनवरी को अजमेर शहर में थे।
■ जयपुर संभागः 12 फरवरी को दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे का उद्घाटन समारोह, 27 जुलाई को सीकर में जनसभा। 25 सितम्बर को जयपुर में बड़ी सभा।
■ उदयपुर संभागः 10 मई को नाथद्वारा व आबू रोड में सभा, 2 अक्टूबर को चित्तौड़गढ़ में सभाएं कीं।
■ बीकानेर संभागः 8 जुलाई को बीकानेर में अमृतसर- जामनगर एक्सप्रेस हाईवे का लोकार्पण किया और सार्वजनिक सभा में पहुंचे।
■ जोधपुर संभाग: 5 अक्टूबर को जोधपुर शहर में जन सभा में गरजे ।
हाड़ौती में भाजपा अच्छी स्थिति में है, फिर भी 9 सीट पर उम्मीदवारों की तलाश जारी है।
पूर्वी राजस्थान और जोधपुर संभाग कमजोर, वहीं ठिठके कदम.... पूर्वी राजस्थान में भरतपुर संभाग भाजपा का सबसे कमजोर संभाग रहा। यहां भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में 2018 के चुनाव में भाजपा को महज एक सीट पर जीत मिली। लेकिन भाजपा से धौलपुर विधायक शोभारानी कुशवाह ने राज् यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की, जिसके चलते उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया। अब कांग्रेस ने उन्हें धौलपुर से प्रत्याशी बनाया है। इसी तरह अलवर जिले की 11 सीटों में कांग्रेस का 5 पर कब्जा रहा। इसके अलावा भाजपा, बसपा और निर्दलीय ने दो-दो सीट ही जीत पाई। जयपुर संभाग के अलवर और दौसा में भी भाजपा की 2018 में स्थिति अच्छी नहीं रही। दौसा में कुल 5 सीटों •में चार पर कांग्रेस और 1 सीट निर्दलीय के खाते में गई।
Published on:
29 Oct 2023 08:07 am
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