जयपुर

Rajasthan Politics : जाति-समुदायों को खुश करने के लिए गहलोत सरकार के तीन बड़े फैसले, क्या BJP को लगेगा ‘झटका’?

Rajasthan Gehlot Government Three Big Decisions - चुनावी मोड में राजस्थान! धड़ाधड़ तीन दिन में हर दिन मंज़ूरी, हर जाति-समुदाय को साधने में लगी सरकार          

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Jul 26, 2023

जयपुर।

राजस्थान इस वक्त चुनावी मोड में है। कांग्रेस पार्टी जहां सत्ता और संगठन के ज़रिए सरकार बदलने की परंपरा को तोड़ने की कोशिशों में हैं, तो वहीं भाजपा समेत अन्य विपक्षी दल भी अपने-अपने मिशन में पूरा दमखम लगा रहे हैं। इधर चार साल पूरे करके अपने अंतिम और पांचवें साल में चल रही गहलोत सरकार 'छप्पर फाड़' सौगातें और अन्य माध्यमों से राहतें देने में लगी है।

इसी मिशन की दिशा में सरकार की ओर से हर जाति और समुदाय को साधने की कोशिशें भी जारी हैं। इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि सरकार बोर्ड गठन की हर मांग को एक के बाद एक पूरा किए जा रही है। बीते तीन दिन में तीन अलग-अलग बोर्ड का गठन करते हुए सरकार की मंशा को समझा जा सकता है।

दरअसल, सरकार ने आज (बुधवार) को राजस्थान राज्य अहिल्या बाई होल्कर बोर्ड के गठन को मंज़ूरी दे दी है। इससे पहले मंगलवार को राजस्थान राज्य तेली घाणी विकास बोर्ड और उससे एक दिन पहले सोमवार को राजस्थान राज्य अवन्ति बाई लोधी बोर्ड के गठन को मंज़ूरी दी गई थी। ऐसे में लगातार तीन दिन के भीतर सरकार ने तीन नए बोर्डों के गठन को मंज़ूरी दी है।

राजस्थान राज्य अहिल्या बाई होल्कर बोर्ड

राज्य सरकार ने राजस्थान राज्य अहिल्या बाई होल्कर बोर्ड का गठन किया है। यह बोर्ड गडरिया (गाडरी), गायरी, घोसी (गवाला), पूर्बिया (धनगर, गाडरी) जाति वर्ग की स्थिति का जायजा लेकर, प्रमाणिक सर्वे रिपोर्ट के आधार पर इन वर्गों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और पिछड़ेपन को दूर करने के सुझाव राज्य सरकार को देगा।बोर्ड द्वारा समाज के शैक्षिक एवं आर्थिक उन्नयन, रोजगार को बढ़ावा देने, सामाजिक बुराइयों/कुरीतियों के विरूद्ध ठोस उपाय करने और परम्परागत व्यवसाय को वर्तमान तौर-तरीकों से आगे बढ़ाने सहित अन्य सुझाव राज्य सरकार को प्रस्तुत किए जाएंगे।

इस बोर्ड में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा 5 गैर सरकारी सदस्य होंगे। साथ ही, उद्योग विभाग, स्कूल शिक्षा (प्राथमिक/माध्यमिक) एवं संस्कृत शिक्षा विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, श्रम विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के शासन सचिव/आयुक्त/निदेशक/संयुक्त निदेशक अथवा उनके प्रतिनिधि बोर्ड में सरकारी सदस्य के रूप में होंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक स्तरीय अधिकारी बोर्ड में सचिव होंगे।


राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अथवा उनके प्रतिनिधि बोर्ड के विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे। बोर्ड का प्रशासनिक विभाग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग होगा।

राजस्थान राज्य तेली घाणी विकास बोर्ड का गठन
राज्य सरकार ने तेली समुदाय के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक उन्नति के लिए ‘राजस्थान राज्य तेली घाणी विकास बोर्ड‘ का गठन किया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंजूरी के बाद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने इसके गठन का आदेश जारी किये। यह बोर्ड तेली समुदाय के लोगों के उत्थान के लिए नई योजनाएं बनाकर और समस्याओं की पहचान करके राज्य सरकार को सुझाव प्रस्तुत करेगा।

बोर्ड तेली घाणी के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ ही युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण, उद्यमिता संवर्धन, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने, बोर्ड से सम्बन्धित बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करने, अन्य राज्यों के उपयोगी अनुभवों की जानकारी साझा करने तथा विभिन्न विभागों के द्वारा संचालित बोर्ड से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों की मॉनिटरिंग सहित अन्य कार्य करेगा।

बोर्ड में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा 3 सदस्यों सहित कुल 5 गैर सरकारी सदस्य होंगे। साथ ही उद्योग, स्कूल शिक्षा (प्राथमिक/माध्यमिक) एवं संस्कृत शिक्षा, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, श्रम एवं रोजगार तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता आदि विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रमुख शासन सचिव/शासन सचिव अथवा उनके प्रतिनिधि (संयुक्त निदेशक स्तर के विभागीय अधिकारी), कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी, राजस्थान स्वर्ण कला विकास बोर्ड सचिव इस बोर्ड में सरकारी सदस्य के रूप में होंगे।

राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अथवा उनके प्रतिनिधि विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे। वहीं, कौशल नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के संयुक्त निदेशक स्तरीय अधिकारी बोर्ड में सचिव के रूप में कार्य करेंगे। कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग बोर्ड का प्रशासनिक विभाग होगा।

राजस्थान राज्य अवन्ति बाई लोधी बोर्ड

राज्य सरकार ने लोधी (लोधा) समाज की स्थिति का सर्वेक्षण करने, मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा पिछड़ेपन को दूर करने के सुझाव देने के लिए राजस्थान राज्य अवन्ति बाई लोधी बोर्ड का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस बोर्ड में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा 3 गैर सरकारी सदस्य होंगे। साथ ही, उद्योग विभाग, स्कूल शिक्षा (प्राथमिक/माध्यमिक) एवं संस्कृत शिक्षा विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, श्रम विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के आयुक्त/निदेशक/शासन सचिव अथवा उनके प्रतिनिधि बोर्ड में सरकारी सदस्य के रूप में होंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक स्तर के अधिकारी बोर्ड में सचिव का कार्य करेंगे। इसके अतिरिक्त, प्रबंध निदेशक, राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड अथवा उनका प्रतिनिधि बोर्ड के विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग बोर्ड के लिए प्रशासनिक विभाग होगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा पूर्व में इस सम्बन्ध में घोषणा की गई थी।


इस बोर्ड के गठन का उद्देश्य लोधी (लोधा) समाज के कल्याण हेतु विभिन्न योजनाएं प्रस्तावित करना, वर्तमान में संचालित विभिन्न जनकल्याकारी योजनाओं के बारे में विभिन्न विभागों से समन्वय कर सुझाव देना, समाज के शैक्षिक एवं आर्थिक उन्नयन तथा रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सुझाव देना है। यह बोर्ड समाज के परम्परागत व्यवसायों को नवीन तकनीक से लाभदायक स्थिति में लाने के सुझाव भी देगा।

Published on:
26 Jul 2023 01:59 pm
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