हरेन्द्रसिंह बगवाड़ा/जोधपुर। मैंने जयपुर-जोधपुर हाईवे पर जब बिलाड़ा लिखा बोर्ड देखा तो मै रुक गया। यहां बिलाड़ा का एसडीएम ऑफिस, थाना, मिनी सचिवालय आईटीआई, एसीजेएम कोर्ट सभी कुछ हाईवे पर मौजूद हैं। लेकिन बिलाड़ा नदारद। पूछा तो पता चला कि यह बिलाड़ा नहीं होकर, पिचियाग ग्राम पंचायत है। बिलाड़ा पांच किलोमीटर अंदर की तरफ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बिलाड़ा चूंकि हाईवे से अंदर की तरफ है, इसलिए वहां के सभी सरकारी कार्यालय बेहतर कनेक्टिविटी के लिए पिचियाग शिफ्ट कर दिए गए हैं।
बिलाड़ा में सरकारी कार्यालय के नाम पर सिर्फ तहसील और पंचायत समिति कार्यालय रह गए हैं। खैर ऑफिस तो अभी कुछ समय पहले शिफ्ट हुए हैं, लेकिन यहां से बड़ी संख्या में लोग तो काफी वर्षों पहले बेंगलूरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों में जा कर बस गए हैं। बिलाड़ा के रोड़वेज बस स्टैंड पर पहुंचा तो यहां कुछ ग्रामीणों से बातचीत का दौर शुरू हुआ। स्थानीय निवासी देवीसिंह बोले, सरकारी योजनाओं का लाभ जनता को मिल रहा है। चिरंजीवी से लोग खुश हैं। लेकिन सीवरेज की हालत खस्ता है। स्कूलों में अध्यापक तो पर्याप्त हैं, लेकिन अस्पताल में डाक्टरों के पद खाली हैं।