
जयपुर।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर अपने दिल की बातें खुलकर कीं। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार के जनहित के कामों को भी गिनाया और विरोधियों पर भी जमकर हमला बोला। मुख्यमंत्री ने अपने स्वास्थ्य से लेकर प्रधानमंत्री मोदी तक के तमाम पहलुओं पर खुलकर अपने विचार रखे। मौक़ा था नए ज़िलों और संभागों के स्थापना कार्यक्रम का।
गहलोत के संबोधन की 10 बड़ी बातें
- ''मैं बचपन से ही उछल-कूद वाला आदमी रहा हूं, फ्रैक्चर के कारण घर पर आराम किया, लेकिन कमजोरी आ गई''
- ''नए ज़िलों में आज शाम तक कलेक्टर और एसपी की घोषणा हो जाएगी''
- ''पुलिस घर-घर नहीं जा सकती, लेकिन घटना के बाद त्वरित कार्रवाई ज़रूर करती है।''
- ''अब इलाज के लिए मकान गिरवी रखने या गहने बेचने की जरूरत नहीं, अशोक गहलोत बैठा है।''
- ''मैं कई बार सोचता हूँ सीएम पद छोड़ दूँ, लेकिन सीएम का पद मुझे नहीं छोड़ता, आलाकमान जो फैसला करे मुझे मंज़ूर है।''
- ''प्रधानमंत्री देश के होते हैं किसी पार्टी या धर्म के नहीं, वे खुद को भाजपा और हिंदुओं का प्रधानमंत्री दर्शाते हैं।''
- ''मणिपुर में गृहयुद्ध चल रहा है, मोदीजी को वहां राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए था।''
- ''मैं मोदीजी की तरह अहम-घमंड में नहीं हूं, मैं आलोचना को सुनने वाला आदमी हूं।''
''मोदी जी विश्व गुरु हैं और मैं राजस्थान का प्रथम जन सेवक हूँ।मैं 5 साल के काम पर चुनाव लडूंगा ''
''कह रहे हैं मोदीजी राजस्थान में चेहरा होंगे, लेकिन क्या वो सड़क बनाने के लिए राजस्थान आएंगे? क्या सीएचसी-पीएचसी मोदी खोलेंगे? क्या एसडीएम और तहसील दफ्तर मोदीजी खोलेंगे?''
Published on:
07 Aug 2023 02:47 pm
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