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राजस्थान चुनाव परिणाम 2023: अब ‘फाइनल’ की तैयारी, जयपुर की दो सीटों पर ‘जिताऊ’ तलाशने की फिर चुनौती

राजस्थान विधानसभा चुनाव के बाद जल्द ही नई सरकार का गठन हो जाएगा। नए सीएम का एलान और मंत्रिमंडल की भी घोषणा हो जाएगी।

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जयपुर

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Nupur Sharma

Dec 07, 2023

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Rajasthan Assembly Election Result 2023: राजस्थान विधानसभा चुनाव के बाद जल्द ही नई सरकार का गठन हो जाएगा। नए सीएम का एलान और मंत्रिमंडल की भी घोषणा हो जाएगी। इसके बाद ही जयपुर की दोनों लोकसभा सीटों को लेकर कांग्रेस और भाजपा मशक्कत शुरू कर देंगे। लोकसभा चुनाव अगले वर्ष अप्रेल-मई में होने की संभावना है। ऐसे में मिशन लोकसभा के लिए दोनों दलों के पास समय बहुत कम रहेगा। वैसे भी दिसंबर माह तो सरकार के गठन में ही निकल जाएगा।

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दो चुनावों में नहीं खुला कांग्रेस का खाता
राजस्थान में पिछले दो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का खाता नहीं खुला। वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा ने सभी 25 सीटें जीती थी। वर्ष 2019 में भाजपा को 24 और एक सीट नागौर की आरएलपी ने जीती थी। दोनों चुनाव कांग्रेस के लिए सबसे खराब नतीजे वाले रहे।

भाजपा को तलाशना होगा नया चेहरा
झोटवाड़ा से विधायक बनने के बाद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बुधवार को जयपुर ग्रामीण सांसद पद से इस्तीफा दे दिया है। अब लोकसभा चुनाव में भाजपा को इस सीट पर नया चेहरा तलाशना होगा। इसके लिए कई नेताओं के नाम की चर्चा भी शुरू हो गई है। वहीं, विधानसभा चुनाव में पुराने कई प्रत्याशियों का टिकट काटे जाने के बाद अब यह चर्चा भी होने लगी हैं कि जयपुर शहर की लोकसभा सीट पर भी पार्टी नया प्रत्याशी उतार सकती है।

जयपुर और जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट पर कांग्रेस को मिली बड़ी हार
राजधानी जयपुर की शहर और ग्रामीण लोकसभा सीटों पर कांग्रेस को बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2014 के चुनाव में कांग्रेस के महेश जोशी पांच लाख से ज्यादा वोटों से हार गए थे। वहीं, वर्ष 2019 के चुनाव में कांग्रेस की ज्योति खंडेलवाल भी चार लाख से ज्यादा वोटों से हारी थी। दोनों बार भाजपा के रामचरण बोहरा चुनाव जीते। इसी तरह जयपुर ग्रामीण में भी वर्ष 2014 के चुनाव में कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी और अगले चुनाव में कृष्णा पूनिया की बड़ी हार हुई। यहां भी दोनों बार भाजपा के राज्यवर्धन सिंह राठौड़ चुनाव जीते थे।

वर्ष 2009 में जीतीं थी दोनों सीटें
वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने जयपुर की दोनों सीटें जीती थी। तब जयपुर से महेश जोशी और जयपुर ग्रामीण से लालचंद कटारिया सांसद बने थे। कटारिया तो बाद में मनमोहन सरकार में केन्द्रीय राज्य मंत्री भी बने थे। इसके बाद कटारिया ने अगला चुनाव नहीं लड़ा था।

गहलोत का कहना, जल्द करनी होगी तैयारी
निवर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को ही कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा था कि विधानसभा चुनाव में हार की समीक्षा एआईसीसी करेगी। वहीं, मेरा ये मानना हैं कि हमें लोकसभा चुनाव के लिए अभी से तैयारी करनी होगी और प्रत्याशियों का चयन करना होगा।

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कांग्रेस देखेगी सभी समीकरण
विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के लिए जयपुर की दोनों लोकसभा सीटों पर जिताऊ प्रत्याशी की तलाश करना बड़ी चुनौती है। ऐसे में पार्टी बहुत सोच समझकर और सारे समीकरण देखकर ही प्रत्याशी का चयन करेगी। विधानसभा चुनाव में जिले की 19 में से कांग्रेस को सात और भाजपा को 12 सीटों पर जीत मिली है। इनमें शहर में तो कांग्रेस को सिर्फ दो ही सीट मिल सकी है।

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