
Rajasthan Election Result 2023: अनुमान, दावों और अटकलों का दौर खत्म, आज परिणाम की बारी। सियासत की नजर से बेहद अहम और लोकसभा चुनाव से पहले जनमत माने जा रहे राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना विधानसभा के चुनाव परिणाम रविवार को घोषित हो जाएंगे। मिजोरम में मतगणना एक दिन बाद सोमवार को होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि देश की सियासत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हिंदी पट्टी के राज्यों के मतदाता किसे सत्ता के सिंहासन पर बैठाते हैं और किसे आत्मनिरीक्षण का सबक सिखाते हैं।
ये चुनाव भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़े गए। ऐसे में परिणाम मोदी ब्रांड की मजबूती और केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रहीं जनकल्याण योजनाओं पर लोगों की राय सामने लाएगा। दूसरी ओर चुनाव के नतीजे कांग्रेस की गारंटियां, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सरकार के कामकाज की समीक्षा करेगा। मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की स्वीकार्यता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसी चुनाव के परिणाम विपक्षी गठबंधन इंडिया की भी दिशा निर्धारित करेंगे। राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेेलंगाना में चुनाव की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू हो जाएगी। इसके बाद 10 बजे से सीटों पर ठोस रुझान सामने आने लगेंगे। दोपहर बाद राज्यों की तस्वीर पूरी तरह साफ होने लगेेगी।
दूसरी ओर एग्जिट पोल में कई राज्यों में कड़े संघर्ष के पूर्वानुमान के बाद प्रमुख दल परिणाम बाद की रणनीति में जुट गए हैं। पार्टियों के वरिष्ठ नेता निर्दलीयों और अन्य दलों से संपर्क साध रहे हैं। बागियों से संपर्क भी किया जा रहा है।
इन सवालों के मिलेंगे जवाब
1. मोदी मैजिक का कितना असर?
2. विपक्षी गठबंधन इंडिया का भविष्य का क्याहोगा?
3. जातिगत जनगणना का दांव कितना कारगर रहा?
4. क्या भाजपा और कांग्रेस को क्षेत्रीय नेता तलाशने होंगे?
5. कांग्रेस और भाजपा को अपनी चुनावी रणनीति में करना होगा बदलाव?
6. केंद्र सरकार की गरीब कल्याण योजनाएं का लाभ कहां तक पहुंचा?
7. चुनावी राज्यों में आप सहित तीसरी ताकतें असर दिखा पाएंगी या नहीं?
8. मुफ्त की योजनाएं परिणामों पर कितना असर डालती हैं?
चुनाव से पहले राज्यों की स्थिति
राजस्थान : परिणाम के बाद की रणनीति पर मंथन
राज्य में उलझे हुए अनुमानों के बाद दोनों दलों अपनी-अपनी सरकार बनने को लेकर आश्वस्त हैं, लेकिन किसी भी स्थिति के लिए रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। वरिष्ठ नेताओं की बैठकों के दौर चल रहे हैं। दोनों दलों के लोग मजबूत निर्दलीयों से संपर्क में हैं। भाजपा में बहुमत आने पर मुख्यमंत्री को लेकर भी चर्चा है। कांग्रेस में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत परिणाम के बाद की रणनीति बनाने में जुटे हैं।
मध्यप्रदेश : अपनी-अपनी जीत के दांवे
एग्जिट पोल के बाद भाजपा और कांग्रेस एग्जिट पोल के आंकड़ों को अपने-अपने तरीके से प्रचारित कर रहे हैं। आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर चल रहा है। कांग्रेस का कहना है कि मतगणना के पहले सरकारी अधिकारी, कर्मचारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। राज्य में कांग्रेस सरकार बनाएगी। वहीं भाजपा कहा कि राज्य में भाजपा की प्रचंड जीत होगी। लाड़ली बहना का जादू चला है।
छत्तीसगढ़: कांग्रेस उत्साहित
मतदान के बाद दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को जीत की उम्मीद है। हालांकि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता उत्साहित है। वे पूर्वानुमानों को जीत का आधार बता रहे हैं। वहीं दोनों दलों के नेता देर रात तक चुनाव के बाद की रणनीति बनाने में जुटे रहे। कांग्रेस-भाजपा दोनों दलों के नेता विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका के बीच डरे हुए हैं। इसे लेकर लगातार बैठकों का दौर जारी है।
तेलंगाना: बीआरएस-कांग्रेस में मुकाबला
नया राज्य बनने के बाद लगातार दो बार सत्ता में रही बीआरएस को एक बार फिर बहुमत में आने की उम्मीद है लेकिन एग्जिट पोल के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता उत्साहित है। चुनाव से पहले गैर कांग्रेस और गैर भाजपा की वकालत करने वाले बीआरएस के नेता और मुख्यमंत्री केसीआर बहुमत नहीं आने पर आगे की रणनीति तैयार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि संभव होने पर वह भाजपा को साथ ले सकते हैं।
मिजोरम : जेडपीएम में नया उत्साह
पूर्वोत्तर के राज्य मिजोरम में जेडपीएम सत्ताधारी दल एमएनएफ को कड़ी टक्कर दे रहा है। राज्य की युवा पार्टी माने जाने वाली जेडपीएम के मुखिया पूर्व आइपीएस अधिकारी लालदुहोमा है। इस पार्टी का जन्म स्थानीय समस्याओं को लेकर किए गए आंदोलन से हुआ। ऐसे में मिजोरम में दोनों दलों में कड़ा संघर्ष हैं लेकिन पूर्वानुमानों को लेकर जेडपीएम के कार्यकर्ता उत्साहित हैं।
एग्जिट पोल में दावा...भाजपा और कांग्रेस में कड़ी टक्कर
चुनाव के बाद जारी अधिकतर एग्जिट पोल में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बहुमत मिलता दिखाया गया। राजस्थान में भाजपा तो तेलंगाना में कांग्रेस को बढ़त दिखाई गई। मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस में कड़ी टक्कर बताई जा रही है। मिजोरम में एमएनएफ और जेडपीएम में कड़ा मुकाबला बताया जा रहा है।
इन मुद्दों पर लड़ा चुनाव
1. सरकार की कल्याणकारी योजनाएं और गारंटियां।
2. भ्रष्टाचार और केंद्रीय एजेंसियों की सख्ती।
3. युवाओं को रोजगार।
4. कर्ज माफी और धान खरीद।
5. महिलाओं को दी जाने वाली सहायता राशि की घोषणा।
6. पेपर लीक के मामले।
7. धार्मिक धु्रवीकरण और तुष्टिकरण के आरोप।
Published on:
03 Dec 2023 07:52 am

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