जयपुर

Digital India : राजस्थान बना डेटा क्रांति का नया केंद्र, राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी-2025 लागू, जानिए कैसे बदलेगा भविष्य

Digital Transformation : यह नीति अगले पांच वर्षों में 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना के साथ सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में रोजगार के नए द्वार खोलेगी और राजस्थान को डेटा सेंटर्स के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाएगी।

3 min read
Apr 12, 2025

Rajasthan Data Center Policy: जयपुर। डिजिटल युग में डेटा सेंटर्स आधुनिक तकनीकी संरचना की रीढ़ बन चुके हैं। इसी को दृष्टिगत रखते हुए राजस्थान सरकार ने राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी-2025 लागू की है, जिसका उद्देश्य राज्य को देश का प्रमुख डेटा सेंटर हब बनाना है। इस नीति के तहत निवेशकों को व्यापक रियायतें, पर्यावरण अनुकूल प्रोत्साहन और आधुनिक अवसंरचना उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में तैयार की गई यह नीति अगले पांच वर्षों में 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना के साथ सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में रोजगार के नए द्वार खोलेगी और राजस्थान को डेटा सेंटर्स के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाएगी।

वर्तमान डिजिटल युग में सूचना प्रौद्योगिकी हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, बैंकिंग और मनोरंजन जैसे क्षेत्रों में आईटी की भूमिका बढ़ती जा रही है। पारदर्शी एवं जवाबदेही सुशासन देने में भी ई-गवर्नेंस और ऑनलाइन सेवाओं का योगदान उल्लेखनीय है। डिजिटल संसार की इन सभी गतिविधियों के सुरक्षित और निर्बाध संचालन का डेटा सेंटर्स प्रमुख आधार है।

भारत तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर बाजार के रूप में स्थापित

इन सेंटर्स में क्लाउड कम्प्यूटिंग, को-लोकेशन एवं कंटेंट डिलीवरी के माध्यम से विभिन्न डिजिटल प्लेटफोर्म संचालित होते हैं। व्यावसायिक डेटा को सुरक्षित और सुलभ रखने के साथ ही ये डेटा केन्द्र रिकवरी समाधान भी उपलब्ध कराते हैं। विगत कुछ वर्षों में हमारे देश के डेटा सेंटर्स की क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस क्षेत्र में बढ़ रहे निवेश से भारत तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर बाजार के रूप में स्थापित हुआ है। वर्ष 2024 में भारतीय डेटा सेंटर बाजार की अनुमानित क्षमता 2 हजार मेगावाट थी, जो वर्ष 2029 तक बढ़कर 4 हजार मेगावाट से अधिक होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने डेटा सेंटर्स की इस बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए राजस्थान में निजी क्षेत्र में डेटा सेंटर्स की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी-2025 लागू की है। राज्य बजट 2024-25 में यह डेटा सेंटर पॉलिसी लाने की घोषणा की गई थी।

राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी-2025 का लक्ष्य राज्य में एक विश्व स्तरीय डेटा सेंटर इकोसिस्टम विकसित कर राजस्थान को डेटा सेंटर क्षेत्र का प्रमुख केन्द्र बनाना है। यह नीति राज्य में स्थापित होने वाले डेटा सेंटर्स की गतिविधियों की दक्षता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को प्रभावशाली बनाएगी। साथ ही, राज्य में डेटा प्रबंधन, प्रदर्शन और सुरक्षा के उच्च मानकों को सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देशों को निर्धारित करने में भी मदद करेगी।

डेटा सेंटर सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रावधान

इस नीति के तहत डेटा सेंटर सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं, जिनमें 10 वर्षों तक 10-20 करोड़ रुपये वार्षिक एसेट क्रिएशन इंसेंटिव, 100 करोड़ से अधिक निवेश करने वाले पहले 3 डेटा सेंटर्स को 25 प्रतिशत अतिरिक्त सनराइज इंसेंटिव, 5 वर्षों तक 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान, बैंकिंग, ट्रांसमिशन व व्हीलिंग शुल्क में 100 प्रतिशत छूट, भूमि संबंधी फ्लेक्सिबल भुगतान सुविधा, स्टांप ड्यूटी, भू-रूपांतरण व विद्युत शुल्क में छूट, तथा 10 करोड़ रुपए तक बाह्य विकास शुल्क से छूट शामिल हैं।

पर्यावरण संरक्षण और कर्मचारियों की दक्षता वृद्धि पर भी जोर

नवीन नीति में पर्यावरण संरक्षण तथा कार्मिकों की दक्षता में वृद्धि पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत डेटा सेंटर कर्मचारियों की कार्यकुशलता सुधार व्यय की गई राशि का 50 प्रतिशत पुनर्भरण, ग्रीन सॉल्यूशन इंसेंटिव के रूप में 12.5 करोड़ रुपये तक 50 प्रतिशत पुनर्भरण, जीआई टैग, पेटेंट, कॉपीराइट व ट्रेडमार्क पंजीयन पर 1 करोड़ रुपये तक 50 प्रतिशत सहायता, बिल्डिंग बायलॉज में छूट व सतत विद्युत आपूर्ति के प्रावधान शामिल हैं।

राजस्थान बनेगा डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए पसंदीदा राज्य

राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी-2025 राजस्थान में निवेश आकर्षित करने और डेटा सेंटर विस्तार में तेजी लाने के लिए अनुकूल वातावरण बनाने में सहायक सिद्ध होगी। इस नीति में डेटा सेंटर को आवश्यक सेवाओं के रूप में मान्यता देना और बिल्डिंग बायलॉज में विशेष प्रावधान करने जैसी नवीन पहल शामिल है।

देश में डेटा सेंटर मुख्य रूप से मुम्बई, चैन्नई, दिल्ली, बैंगलूरू, पुणे, हैदराबाद और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में केन्द्रित है। राजस्थान में भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध स्थान, नवीकरणीय उर्जा स्रोत और राज्य सरकार की दूरदर्शी नीति के कारण ग्रीन फील्ड डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए राज्य में भरपूर संभावना है। वह दिन दूर नहीं, जब राजस्थान सभी बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करके और बेहतर कारोबारी माहौल पैदा करके अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू डेटा सेंटर कम्पनियों के लिए पसंदीदा स्थान बन जाएगा। इस नीति के क्रियान्वयन के पश्चात् राज्य में आगामी पांच वर्षों में लगभग 20 हजार करोड़ रुपए का निवेश होने की संभावना है। साथ ही, युवाओं के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

Updated on:
25 Oct 2025 02:30 pm
Published on:
12 Apr 2025 08:12 pm
Also Read
View All
राजस्थान बाल अधिकार संरक्षण आयोग में नियुक्तियों का मामला: पहले के 200 आवेदनों पर अब तक फैसला नहीं, तीसरी बार आवेदन प्रक्रिया शुरू

पत्रिका प्री-बजट संवाद में वक्ता बोले… ‘मेट्रो विस्तार, नो-पार्किंग जोन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट मजबूत करने और आधारभूत सुविधाओं की जरुरत’

सेना के जवानों के बच्चों को पढ़ाई में बड़ी राहत, शहीदों के परिवारों को पूरी फीस से छूट, नई पहल से मिलेगा सहारा

Rajasthan State Highway: राजस्थान के इस स्टेट हाईवे की बदल जाएगी सूरत, 30 करोड़ होंगे खर्च, जयपुर को बड़ा फायदा

पार्किंग पर पर्ची पॉलिसीः दर-दर अलग दर…हर जगह एक ही ठसका-यहां तो यही रेट लगेगी

अगली खबर