
जयपुर।
राजस्थान भाजपा के सीनियर विधायक ज्ञानचंद पारख अपने एक विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल, पाली शहर के रोटरी क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विधायक ज्ञानचंद ने माता सीता और द्रौपदी का उदाहरण देते हुए अपनी बात रखी। उनकी यही तुलना अब विवादित बयान की श्रेणी में लेते हुए सोशल मीडिया पर उनका ज़बरदस्त विरोध होने लगा है। यही नहीं राजपूत समाज के सामाजिक संगठन करणी सेना ने भी विधायक के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन करने का मन बनाया है।
उदाहरण दिया, हो गया 'विवाद'!
विधायक ज्ञानचंद पारख कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में प्रतिद्वंदी राजनीतिक दल कांग्रेस से आए मंत्री टीकाराम जुली को देखते हुए कटाक्ष कर रहे थे। उन्होंने मंत्री की तरफ देखते हुए कहा, 'ये पब्लिक है ये सब जानती है, अंदर क्या है बाहर क्या है ये सब कुछ पहचानती है यह पब्लिक है।'
विधायक ने आगे कहा, 'ये मंच राजनीति का नहीं है। जहां जरूरत पड़ेगी वहां खुलकर राजनीतिक बात करेंगे। हमने क्या किया है, तुमने क्या किया है, इसपर डंके की चोट पर बात करेंगे। पर मंच की मर्यादा को हम कभी लांघेंगे नहीं। मां सीता ने मर्यादा लांघी थी, भगवान राम उनके पति थे, पर मर्यादा लांघने का दुष्परिणाम मां सीता को भुगतना पड़ा। उसके बाद कोई सुखचैन उन्हें नहीं मिला, यह हम सबको पता है।'
वहीं भाजपा विधायक ने महाभारत में द्रौपदी के साथ हुए अंश का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, 'द्रोपदी ने भी मर्यादा लांघी थी। 5 शक्तिशाली पति थे उनके, लेकिन मजाक में जो उन्होंने कहा कि अंधे का बेटा अंधा ही होता है, उसकी वजह से महाभारत हो गया और लाखों जाने चली गई।'
इधर, विधायक के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों का एक तबका नाराज़गी जताने लगा है। वहीं सामाजिक संगठनों ने भी विधायक बयान को आपत्तिजनक करार दिया है। करणी सेना संगठन ने तो पाली में विरोध-प्रदर्शन पर उतरने तक का ऐलान कर दिया है। इस तूल पकड़ते विवाद के बीच फिलहाल विधायक ज्ञानचंद पारख की ओर से कोई सफाई नहीं आई है।
Published on:
04 Apr 2023 11:22 am
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