
राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Assembly) में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान जेडीए के जोन दस में सरकारी जमीन पर कॉलोनी काटे जाने का मामला सदन में गूंजा। विधायक कैलाश वर्मा ने कहा कि खो नागोरियान में सरकारी पाल व तालाब पेटा भूमि पर आवासीय भूमि काटी जा रही है।
इस पर नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा (Jhabar Singh Kharra) ने कहा कि पूरे मामले की जांच करवाएंगे और यदि ऐसा है तो पूरी कॉलोनी ध्वस्त करवाई जाएगी। जो लोग कॉलोनी विकसित कर रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खर्रा ने कहा कि यह सही है कि नई कॉलोनियों से जितना विकास शुल्क जमा हुआ, उतना विकास नहीं हो पाया। मार्ग तय नहीं होने से सड़कों का निर्माण नहीं हो पाया। इसलिए हम टाउनशिप पॉलिसी 2010 में बदलाव करने जा रहे हैं। उससे काफी बदलाव आएगा।
-राजधानी जयपुर के जोन-10 में भूमाफिया मनमानी कर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित कर रहे हैं। इसमें विधायकों की भी भूमिका रहती है। ग्राहकों को लुभाने के लिए बाकायदा नक्शा तैयार किया जाता है। आठ से 10 हजार रुपए प्रति गज में भूमाफिया भूखंड बेच देते हैं। इसके बाद विकास पहुंचने में कई वर्ष लग जाते हैं।
-दिल्ली रोड स्थित जयसिंहपुरा खोर में भी भूमाफिया सक्रिय हैं। कांग्रेस राज में भी भूमाफिया चांदी कूट रहे थे। मौजूदा सरकार में भी ये अवैध रूप से कॉलोनी सृजित कर रहे हैं।
-जयसिंहपुरा खोर में नायला रोड पर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर मार्केट विकसित किया जा रहा है। स्थानीय लोग जेडीए में शिकायत कर चुके। जेडीए में परीक्षण के लिए फाइल जोन से सतर्कता शाखा में घूम रही है। उक्त जमीन की बाजार कीमत करीब तीन करोड़ रुपए बताई जा रही है। प्राचीन बावड़ी से लेकर नाले के बहाव क्षेत्र पर भी अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। मोती नगर नाम से बस रही अवैध कॉलोनी पर जेडीए की सतर्कता शाखा कार्रवाई के लिए नहीं पहुंच पा रही है।
Updated on:
3 Aug 2024, 9:26 AM IST
Published on:
3 Aug 2024, 9:26 AM IST
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