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राजस्थान की तुलना मणिपुर से नहीं हो सकती, महिला सुरक्षा में केंद्र सरकार फेलः गौतम

मणिपुर में महिला अत्याचार को लेकर संसद से सड़क तक कांग्रेस हमलावर है तो वहीं राजस्थान में महिला अत्याचार को लेकर बीजेपी गहलोत सरकार पर हमलावर

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जयपुर। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर अब सियासत भी तेज होने लगी है। मणिपुर में महिला अत्याचार के विरोध में कांग्रेस देशभर में प्रदर्शन कर रही है, संसद से सड़क तक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं तो वहीं राजस्थान में महिला अत्याचार के मामलों को लेकर बीजेपी गहलोत सरकार पर हमलावर है। इसे मुद्दे पर राजस्थान पत्रिका ने राजस्थान महिला कांग्रेस की अध्यक्ष राखी गौतम से खास बातचीत की, पेश है बातचीत के प्रमुख अंश:

सवाल- मणिपुर की घटनाओं पर तो कांग्रेस उग्र है लेकिन राजस्थान में महिला अत्याचार पर चुप्पी क्यों?

जवाब- कोई चुप्पी नहीं है है, मणिपुर हो या फिर देश का कोई भी हिस्सा हो, अगर महिलाओं पर अत्याचार होता है तो वो निंदनीय है। ऐसा नहीं है कि राजस्थान महिला अत्याचार के मामले सामने नहीं आए हैं लेकिन हमारी सरकार ने घटनाओं के तुरंत बाद ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है, पीड़ित महिलाओं को तुरंत न्याय दिलाया है। महिलाओं के मामले में सरकार ने भी तुरंत एफआईआर के आदेश दिए हुए हैं। मणिपुर भी हमारे देश का हिस्सा है और वहां पर पिछले 2 माह से जातीय हिंसा हो रही है, महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे कर सत्ता में आई मोदी सरकार इस मामले में कुछ नहीं कर रही है इसलिए कांग्रेस को मजबूरन सड़कों पर आना पड़ा है।

सवाल- विधानसभा में कांग्रेस की 15 महिला विधायक हैं क्या संख्या कम नहीं हैं?

कांग्रेस पार्टी ने महिलाओं को भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया है। पिछली बार भी कांग्रेस ने 22 से ज्यादा महिलाओं को टिकट दिया था, हमारा शीर्ष नेतृत्व भी कह रहा है कि महिलाओं को टिकट बंटवारे में 33 फ़ीसदी हिस्सेदारी देंगे, हमारा प्रयास रहेगा कि हम इससे ज्यादा भागीदारी दिलाने की मांग पार्टी हाईकमान से करेंगे।

सवाल- महिला सुरक्षा पर अभी भी कठोर कानून की जरुरत?
महिलाओ के मामले में राजनीति नहीं होनी, चाहिए अगर कहीं पर भी महिलाओं पर अत्याचार होता है तो सबको खुलकर इसका विरोध करना चाहिए। केंद्र सरकार और देश के सभी राज्यों की सरकारों को भी चाहिए कि वो अपने यहां महिला सुरक्षा को लेकर कठोर कानून बनाएं जिससे कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

सवाल- डढ़े साल महिला कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति हुई, लगता नहीं कि काफी देर हो चुकी है?
ऐसा नहीं है, महिला कांग्रेस लगातार सक्रिय रही है, पार्टी की ओर से जो भी निर्देश महिला कांग्रेस को दिए गए थे, वो सभी ने जिम्मेदारी से निभाएं हैं। मुझे पार्टी ने मौका दिया है, महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव में काम करेंगे और सरकार रिपीट कराएंगे।