
शरद शर्मा/ जयपुर।
वर्तमान मुख्य सचिव उषा शर्मा को छह माह का एक्सटेंशन मिलने के साथ ही प्रदेश में अफसरशाही के प्रमुख पद पर नियुक्ति के लिए लगाए जा रहे सारे अनुमानों पर विराम लग गया है। पिछले दो दशक में उषा शर्मा राज्य की तीसरी मुख्य सचिव होंगी जिन्हें एक्सटेंशन मिला है।
राज्य सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर शनिवार को डीओपीटी की ओर से अनुमति प्रदान की गई। अब शर्मा राज्य में दिसंबर माह में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव तक मुख्य सचिव रहेंगी। इसके साथ ही वीनू गुप्ता सहित विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों के प्रदेश के मुख्य सचिव बनने की चर्चाओं पर भी विराम लग गया है।
शर्मा ने तोड़ा मिथक
केंद्र और राज्य में अलग-अलग पार्टी की सरकार होने के दौरान एक्सटेंशन या अन्य मामलों में आपसी सहयोग की संभावना के मिथक को शर्मा के एक्सटेंशन ने तोड़ दिया। वर्तमान में भी अलग-अलग दलों की सरकार थी, इसके बाद भी शर्मा को एक्सटेंशन मिला। हालांकि पूर्व में अलग-अलग सरकार होने के कारण अनिल वैश्य के मामले में केंद्र ने राज्य की बात नहीं मानी थी। राजन के समय केंद्र और राज्य में समान दलों की सरकार होने के कारण एक्सटेंशन को लेकर कोई परेशानी नहीं हुई थी।
अनिल वैश्य को मिला था एक्सटेंशन
प्रदेश में वर्ष 2007 में गुर्जर आंदोलन के दौरान तत्कालीन मुख्य सचिव अनिल वैश्य का कार्यकाल समाप्त हो रहा था। आंदोलन के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के लिए वसुंधरा सरकार की ओर से वैश्य के एक्सटेंशन का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था। केंद्र की यूपीए सरकार ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, सरकार को एक माह का समय देते हुए नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के निर्देश दिए थे। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डीसी सामंत को मुख्य सचिव बनाया गया था।
राजन को दो बार एक्सटेंशन
वहीं वर्ष 2014 में राज्य के मुख्य सचिव बने सीएस राजन को भी अपने कार्यकाल के दौरान दो बार एक्सटेंशन दिया गया। तब भी राज्य में वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री थी। हालांकि इस बार केंद्र में भी भाजपा की ही सरकार थी, इसलिए एक्सटेंशन मिलने में सरकार को कोई कठिनाई नहीं हुई।
केंद्रीय नियुक्ति का मिला शर्मा को फायदा
वर्तमान मुख्य सचिव उषा शर्मा को केंद्र की ओर से छह माह का एक्सटेंशन अफसरशाही में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस एक्सटेंशन का कारण मुख्य रूप से उनके करीब नौ साल के केन्द्रीय डेप्यूटेशन के कार्यकाल को माना जा रहा है। शर्मा वर्ष 2012 में केंद्र में डेप्यूटेशन पर गई थी। इसके बाद वर्ष 2022 में उनकी प्रदेश वापसी हुई थी, जब वर्तमान गहलोत सरकार ने उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर वापस भेजने का निवेदन केंद्र सरकार से किया था। करीब सात साल से अधिक समय तक मोदी सरकार में केंद्र में नियुक्ति का फायदा शर्मा को मिला है।
गुप्ता हुई रेस से बाहर, सिंह के पास भी तीन माह
उषा शर्मा को एक्सटेंशन मिलने के साथ ही वीनू गुप्ता मुख्य सचिव की रेस से बाहर हो गई हैं। गुप्ता भी इस साल दिसंबर में रिटायर होने वाली है। वहीं दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर लगे रोहित कुमार सिंह के पास भी मात्र तीन माह ही बचेंगे, वे वर्ष 2024 में मार्च माह में रिटायर होंगे।
Published on:
30 Jun 2023 02:09 pm

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