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सचिन पायलट के बैनर में हाथ की बजाय मशाल, नई पार्टी का इशारा, सियासी गलियारों में चर्चा

पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं टोंक विधायक सचिन पायलट ने जनसंघर्ष यात्रा के समापन पर किया नई पार्टी का इशारा, बैनर में हाथ की बजाय दिखी हाथ में मशाल, सियासी गलियारों में होती रही चर्चा

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सचिन पायलट के बैनर में हाथ की बजाय मशाल, नई पार्टी का इशारा, सियासी गलियारों में चर्चा

जयपुर। पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं टोंक विधायक सचिन पायलट की जनसंघर्ष यात्रा का समापन सोमवार को जयपुर में आमसभा से हुआ। कार्यक्रम के मंच और पंडाल तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भरा था लेकिन तेवर एकदम विपक्ष सरीखे। ऐसा लगा कि राज्य में विपक्ष की भूमिका अब कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों के धड़े ने संभाल ली है।

जनसंघर्ष यात्रा के समापन का बैनर भी अपने आप में बहुत कुछ ऐसा ही बोल रहा था। कार्यक्रम में सर्वाधिक चर्चा बैनर पर कांग्रेस के चुनाव चिह्न हाथ की बजाय हाथ में मशाल थामे चित्र की है। यह चित्र पायलट के नई दिशा पकडऩे की तरफ इशारा करता नजर आया। फिलहाल राज्य में किसी भी दल को यह चिह्न आवंटित नहीं है लेकिन महाराष्ट्र में शिवसेना का यह चुनाव चिह्न है। लिहाजा राज्य में यह किसी को आवंटित नहीं हो सकता।

बैनर पर एक तरफ महात्मा गांधी, भीमराव आम्बेडकर और भगत सिंह की तस्वीर लगाई गई। साथ ही दूसरी तरफ जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी को जगह दी गई है। बैनर में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा व मल्लिकार्जुन खरगे को जगह नहीं दी गई।

असंतुष्ट धड़ा घटा-बढ़ा
कांग्रेस के जो 19 विधायक मानेसर गए थे, उनमें से 12 मंच पर नजर आए। जो सभा में शामिल नहीं हुए, उनमें से 4 फिलहाल मंत्री और एक विधायक हैं। दो विधायकों का पहले ही निधन हो चुका है। खास बात यह रही कि इस धड़े में अब 4 नए विधायक जुड़े गए हैं। यह वे विधायक हैं जो अब तक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ थे। समापन सभा में 28 मौजूदा और पूर्व विधायक, 5 विभिन्न बोर्डों के अध्यक्ष, 7 प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी, 10 जिला अध्यक्ष और लोकसभा एवं विधानसभा में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लडऩे वाले 17 प्रत्याशी नजर आए।