
सड़क दुर्घटना कानून में बदलाव के विरोध में कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी
जयपुर। विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस ईस्टर्न कैनल परियोजना (ईआरसीपी) को प्रमुख मुद्दे के तौर पर भुनाएगी। पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में ईआरसीपी के मु्द्दे पर केंद्र सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ कांग्रेस लगातार पांच दिन जनजागरण अभियान और पदयात्राएं करेगी। बताया जाता है कि 25 से 29 सितंबर तक इन जिलों में इस तरह के कार्यक्रम होंगे। ईआरसीपी के मुद्दे पर कांग्रेस थिंक टैंक ने केंद्र सरकार और भाजपा को घेरने की रणनीति बनाई है।
पिछले दिनों में कांग्रेस वॉर रूम में हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के दौरान भी पूर्वी राजस्थान से आने वाले मंत्रियों ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की सलाह दी थी। हालांकि पार्टी पिछले डेढ़ साल से लगातार ईआरसीपी का मुद्दा जोर-जोर से उठा रही है। लेकिन अब चुनाव में भी इस मुद्दे पर पीएम मोदी और अन्य नेताओं घेरने की रणनीति बनी है। ईआरसीपी में अलवर, करौली, जयपुर, अजमेर, बारां, भरतपुर, दौसा, झालावाड़, कोटा, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी और धौलपुर है।
कांग्रेस का इसलिए भी ईआरसीपी पर फोकस
ईआरसीपी के तहत आने वाले 13 जिलों में विधानसभा की 83 सीटे हैं जिन पर कांग्रेस की नजर है। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को यहां बड़ी बढ़त मिली हुई थी। 49 सीटों पर कांग्रेस 8 सीटों पर निर्दलीय और एक सीट पर राष्ट्रीय लोकदल का कब्जा है, जबकि भाजपा के पास केवल 25 सीटे हैं।
चार जिलों में नहीं खुला था भाजपा का खाता
पिछले विधानसभा चुनाव में करौली, भरतपुर, दौसा और सवाई माधोपुर में जहां भाजपा का खाता नहीं खुल पाया था तो वहीं झालावाड़ में कांग्रेस का भी खाता नहीं खुला था।
वीडियो देखेंः- PM Modi v/s Ashok Gehlot : किसकी योजनाएं जनता को आई पसंद | Rajasthan News | Breaking News
Published on:
16 Sept 2023 08:54 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
