
Rajasthan Congress : प्रदेश में लंबे समय तक सत्ता में रही कांग्रेस अधिकांश जिलों में अपने खुद के कार्यालय भी नहीं बना पाई। ज्यादातर जिलों में किराए के भवनों में कांग्रेस के कार्यालय चल रहे हैं। यही हाल जयपुर शहर और जयपुर देहात कांग्रेस कार्यालय का भी है। बड़ी चौपड़ के रामचंद्रजी मंदिर में शहर कांग्रेस और जौहरी बाजार में जयपुर देहात कांग्रेस का कार्यालय है, जो देवस्थान विभाग की संपत्ति है। हैरत की बात ये भी है कि इन कार्यालयों पर देवस्थान विभाग का 6 लाख रुपए से भी ज्यादा का किराया बकाया चल रहा है। कई बार नोटिस भी जारी हुए लेकिन किराया जमा नहीं हो हुआ।
शहर कांग्रेस कार्यालय पर 2 लाख 35 हजार 288 रुपए का किराया बकाया चल रहा है। वहीं जौहरी बाजार स्थित जयपुर देहात कार्यालय पर चार लाख 25 हजार 780 रुपए का किराया मार्च 2024 तक बताया चल रहा है। जयपुर शहर कांग्रेस कार्यालय का मासिक किराया 5775 रुपए है जबकि जयपुर देहात कांग्रेस कार्यालय का किराया 5248 है, बावजूद इसके पार्टी नेताओं की ओर से किराया ही नहीं जमा कराया जाता।
दिलचस्प यह भी है कि प्रदेश में केवल 6 ही जिले ऐसे हैं जहां पर कांग्रेस पार्टी के खुद के कार्यालय हैं। इनमें सीकर, अलवर, टोंक, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, कोटा और नागौर है। इसके अलावा शेष जिलों में किराए के भवन में कांग्रेस पार्टी के कार्यालय चल रहे हैं। कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष पवन बंसल के समय प्रदेश में जिलों में कांग्रेस की संपत्तियां खरीदने को लेकर कवायद शुरू हुई थी, लेकिन यह ठंडे बस्ते में डाल दी गई है।
प्रदेश कांग्रेस का चांदपोल स्थित इंदिरा गांधी भवन भी पार्टी को दान में मिला हुआ है। जगह की कमी को देखते हुए पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के समय मानसरोवर के शिप्रापथ में पार्टी को 6000 वर्ग जमीन आवंटित की गई थी। 23 सितंबर 2023 को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शिलान्यास किया था। शिलान्यास को भी आठ माह हो चुके हैं लेकिन यहां भी काम शुरू नहीं हो पाया है।
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Updated on:
01 Jun 2024 09:21 am
Published on:
01 Jun 2024 09:02 am
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