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जयपुर। यूपी के लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत के मामले और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ पुलिस दुर्व्यवहार के विरोध में प्रदेश कांग्रेस की ओर से गुरुवार को भरतपुर के ऊंचा नगला बॉर्डर से लखीमपुर खीरी के लिए निकलने वाला पैदल मार्च खानापूर्ति साबित हुआ।
भरतपुर के ऊंचा नगला बॉर्डर से लखीमपुर खीरी तक पैदल मार्च करने करने का दावा करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ता महज 500 मीटर से ज्यादा नहीं चल पाए और वापस जयपुर लौट आए। हालांकि प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित चार मंत्रियों और एक दर्जन से ज्यादा कांग्रेस के विधायक इस पैदल मार्च में शामिल हुए और यूपी की योगी सरकार केंद्र की मोदी सरकार का पुतला भी फूंका।
आधा किलोमीटर चले कार्यकर्ता
इससे पहले ऊंचा नगला बॉर्डर पर प्रदेश कांग्रेस की ओर से एक मंच भी बनाया गया था, जहां पर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई नेताओं ने संबोधित करते हुए केंद्र की मोदी और यूपी की योगी सरकार को जमकर घेरा। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता यूपी बॉर्डर से यूपी की तरफ रवाना हुए लेकिन आधा किलोमीटर आगे जाकर ही वापस राजस्थान बॉर्डर पर लौट आए इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र के मोदी और यूपी के योगी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्हें दंगा पार्टी करार दिया।
जयपुर से रवाना हुआ था गाड़ियों का काफिला
इससे पहले सुबह 7:30 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का काफिला रवाना हुआ था जो दौसा होते हुए भरतपुर पहुंचा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दावा है कि काफिले में 500 से ज्यादा वाहन शामिल हुए थे।
यह हुए पैदल मार्च में शामिल
पैदल मार्च में भरतपुर के प्रभारी मंत्री महेश जोशी, चिकित्सा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग, राज्य मंत्री राजेंद्र यादव, मंत्री भजन लाल जाटव, विधायक विश्वेंद्र सिंह, जोगिंदर अवाना, वाजिब अली, जाहिदा खान, रोहित बोहरा, अमर सिंह जाटव, वेद प्रकाश सोलंकी, प्रशांत बैरवा, गोपाल मीणा, रफीक खान, अमीन कागजी, अमित चाचाण शामिल हुए। इसके अलावा जयपुर हेरिटेज की मेयर मुनेश गुर्जर भी पैदल मार्च में शामिल हुईं।
Published on:
07 Oct 2021 09:41 pm
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