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बिजली कंपनियों में लापरवाही : जो अभ्यर्थी योग्य नहीं, उन्हें भी दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया

बिजली कंपनियों में कनिष्ठ लेखाकार भर्ती का मामला

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बिजली कंपनियों में लापरवाही : जो अभ्यर्थी योग्य नहीं, उन्हें भी दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया

बिजली कंपनियों में लापरवाही : जो अभ्यर्थी योग्य नहीं, उन्हें भी दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया

जयपुर। बिजली कंपनियों में हुई भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। राज्य विद्युत प्रसारण निगम की ओर से कनिष्ठ लेखाकार के 280 पद पर भर्ती हो रही है। इसमें 18 पद बिजली कंपनियों में ही कार्यरत कर्मचारियों के लिए आरक्षित रखे गए। भर्ती विज्ञप्ति में साफ अंकित किया गया कि इस आरक्षण का लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्होंने पांच साल नियमित सेवाकाल पूरा कर लिया हो। इसके बावजूद ऐसे कर्मचारियों को भी दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जा रहा है, जिनकी सेवा अवधि पांच वर्ष से कम है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को भी है लेकिन लापरवाही की जिम्मेदारीे लेने को तैयार नहीं है। राजस्थान बिजली वर्कर्स फैडरेशन ने गड़बड़ी की आशंका जताते हुए ऊर्जा सचिव से जांच की जरूरत जता दी है। सत्यापन के लिए कुल 36 अभ्यर्थियों को बुलाया गया है।

अफसरों के बचाव के तर्क— भर्ती प्रक्रिया के तहत आए आवेदन में पांच साल सेवा पूरी करने वाले अभ्यर्थियों की छंटनी परीक्षा से पहले नहीं की गई। अब पद के अनुपात में दोगुने अभ्यर्थी बुलाए गए हैं। इसमें किसी तरह की गड़बडी नहीं है। जो अर्ह्ता पूरी नहीं कर रहे, वे योग्य हो ही नहीं सकते। दस्तावेज सत्यापन में स्वत: ही बाहर हो जाएंगे।

-दस्तावेज सत्यापन के लिए अभ्यर्थियों को बुलाया गया है, जो योग्य नहीं होंगे वे आगे नहीं बढ़ पाएंगे। इसमें गड़बड़ी जैसी कोई स्थिति नहीं है। सब कुछ पारदर्शी तरीके से हो रहा है। यदि फिर भी किसी को कोई आपत्ति है तो उसका समाधान कर दिया जाएगा।
-महेन्द्र प्रताप सिंह, सचिव, राज्य विद्युत प्रसारण निगम


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