Rape Attempt: सीकर रोड स्थित मणिपाल अस्पताल की इमरजेंसी में एक डॉक्टर ने 14 वर्षीय बालिका के साथ अश्लील हरकत की। सड़क दुर्घटना में घायल होने पर बालिका व उसकी मां को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। विद्याधर नगर थाना पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।
Rape Attempt: सीकर रोड स्थित मणिपाल अस्पताल की इमरजेंसी में एक डॉक्टर ने 14 वर्षीय बालिका के साथ अश्लील हरकत की। सड़क दुर्घटना में घायल होने पर बालिका व उसकी मां को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। विद्याधर नगर थाना पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।
थानाधिकारी विरेंद्र कुरील ने बताया कि घटना 6 अक्टूबर की है। उस दौरान बालिका के पिता मलेशिया गए हुए थे, वहां से लौटने पर बालिका ने आपबीती बताई तो 14 अक्टूबर को एफआइआर दर्ज कराई गई। परिजन ने बताया कि महिला स्कूटी से बेटी को स्कूल छोड़ने जा रहीं थी।
रास्ते में विद्याधर नगर में अचानक कुत्ता सामने आने पर ब्रेक लगाया तो स्कूटी स्लिप हो गई। सड़क पर गिरने से मां बेहोश हो गई तथा बच्ची के भी चोटें आई। लोगों ने दोनों को पास ही एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां से उन्हें रेफर कर दिया गया।
इमरजेंसी में ले जाकर डॉक्टर ने उतारे कपड़े
मणिपाल अस्पताल में मां और बेटी को इमरजेंसी में ले जाया गया। वहां मां को सीटी स्कैन और बेटी को एक्स-रे के लिए भेज दिया। मां के सिर में गम्भीर चोट थी। उसे भर्ती कर लिया गया। पिता का आरोप है कि बच्ची ठीक थी। उसकी एक्स-रे रिपोर्ट भी ठीक आई थी। इसके बावजूद डॉ. रवि रंजन बालिका को जांच के बहाने इमरजेंसी विंग में ले गया। डॉक्टर ने बालिका के कपड़े उतार कर अश्लील हरकतें की। मां को एक दिन बाद अस्पताल से छुट्टी मिली। बच्ची ने पांच दिन तक किसी को कुछ नहीं बताया। उसके पिता 13 अक्टूबर को मलेशिया से लौटे। बच्ची ने पिता को आपबीती बताई।
स्टाफ की मदद से आरोपी को पहचाना
घटना का पता चलने पर पति-पत्नी डाक्टर की पहचान करने के लिए मणिपाल अस्पताल गए। वहां पर तैनात स्टाफ से डॉक्टर के बारे में पूछताछ की। इस दौरान स्टाफ ने डॉक्टर की फोटो वाट्सऐप दिखाई, जिसे बच्ची ने पहचान लिया। अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टर को बुलाया तो बच्ची ने पुष्टि कर दी। उसके बाद परिजन ने अस्पाल प्रशासन को डॉक्टर के विरुद्ध शिकायत दी। इसके अलावा आरोपी के विरुद्ध विद्याधर नगर थाने में पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करवाया है।
गंभीर मामला हम मदद करेंगे
मामला सामने आया है, यह गंभीर है। इसकी जांच में अस्पताल प्रशासन पूरी मदद करेगा।
रंजन ठाकुर, यूनिट डायरेक्टर, मणिपाल हॉस्पिटल