
Rajasthan Jal Jeevan Mission Scam : जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर बड़ा एक्शन लिया है। ईडी ने इस मामले में पीएचईडी के ठेकेदार पदम चंद जैन को गिरफ्तार किया है। जेल में बंद पीयूष के पिता पदमचंद को ईडी ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से आरोपी को पांच दिन के रिमांड पर ईडी को सौंप दिया। अब ईडी आरोपी से पूछताछ कर रही है। जिससे पूछताछ में सूत्रों की मानें तो ईडी अब बाप-बेटे को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी। ऐसे में अहम खुलासे होने के बाद ईडी और लोगों को गिरफ्तार कर सकती है।
ईडी की टीम देर रात पदम चंद जैन के आवास पर पहुंची। जहां पर ईडी के अधिकारियों ने हिरासत में लेकर जैन से कई घंटों तक पूछताछ की। इसके बाद पदम चंद जैन को गिरफ्तार कर लिया। सुबह ईडी अधिकारियों ने आरोपी पदमचंद को कोर्ट में पेश कर 5 दिन के रिमांड पर लिया है। जैन की फर्म पर फर्जी दस्तावेज से जेजेएम में टेंडर जुटाने व इसके लिए अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप है।
जल जीवन मिशन से जुड़े करीब 630 करोड़ रुपए के गबन मामले में पदम चंद जैन का बेटा पीयूष जैन पिछले तीन महीने से जेल में बंद है। गौरतलब है कि जल जीवन मिशन में फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों रुपए के टेंडर लेने के मामले में एसीबी ने पिछले साल श्याम ट्यूबवेल और गणपति ट्यूबवेल के खिलाफ केस दर्ज किया था। एफआईआर में पीयूष जैन के पिता पदमचंद जैन और मामा को भी आरोपी बनाया था। ईडी ने इस साल 17 जनवरी को जयपुर और बांसवाड़ा में 8 स्थानों रेड डालकर जैन के घर से 11.42 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्ति जब्त की थी। इसके बाद 29 फरवरी को पीयूष जैन को गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में बंद है। बेटे से चल रही पूछताछ के बाद अब ईडी ने उसके पिता पदम चंद को भी गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम राजस्थान के पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी के साथ उनके विशेषाधिकारी संजय अग्रवाल और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी हैं। इन सभी के 26 ठिकानों पर 18 घंटे तक छापेमारी की गई। मिशन के तहत राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में पीने का साफ पानी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने बजट में 2019 में इस मिशन की घोषणा की थी।
कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने पूर्ववर्ती गहलोत सरकार पर जेजेएम में 20 हजार करोड़ रुपए के घोटाले के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि नियम कायदे और कानून को तोड़कर कुछ कंपनियों को इसमें फायदा पहुंचाया गया। इसमें पीएचईडी के कई अधिकारी शामिल हैं। हाल ही में पीएचईडी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने कहा था कि जल जीवन मिशन में जितना बड़ा घोटाला हुआ है, उतना आजादी के बाद कभी नहीं हुआ है। अभी ईडी और एसीबी आई हैं और मौका पड़ा तो सीबीआई भी आएगी।
Updated on:
14 Jun 2024 01:50 pm
Published on:
14 Jun 2024 11:20 am
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