
रोचक हुआ मुकाबला, एक हुए हनुमान और तिवाड़ी, रण में बनने लगे ऐसे आसार
शादाब अहमद / जयपुर। प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-भाजपा से लडऩे के लिए तीसरी ताकत खड़ी होने लग गई है। इसकी शुरुआत सोमवार को निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल ने करीब एक लाख लोगों से अधिक लोगों की मौजूदगी में मानसरोवर में वीटी रोड स्टेडियम में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का गठन कर किया। नई पार्टी के आगाज के मौके पर उनके साथ भारत वाहिनी पार्टी, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल खड़ी नजर आई। इस महागठबंधन से राजस्थान के रण में बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है।
गठबंधन के मायने और असर
फिलहाल आरएलपी और भारत वाहिनी पार्टी पहली बार राजस्थान के चुनाव में उतर रही है। इसके बावजूद यह भाजपा और कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी की तरह है। बेनीवाल और तिवाड़ी को भी पता है कि वह दोनों अकेले पूरे राज्य में चुनाव को प्रभावित नहीं कर सकते, यही वजह है कि कांग्रेस-भाजपा विरोधी नेताओं और दलों को साथ आने की उन्होंने अपील की है।
बेनीवाल का प्रभाव खासतौर पर नागौर समेत शेखावटी और मारवाड़ के जाट बाहुल्य सीटों पर असर माना जाता है। वहीं तिवाड़ी का जयपुर, सीकर, अलवर क्षेत्र में चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। जबकि उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे राजस्थान की कुछ सीटों पर सपा का अच्छा प्रदर्शन रहा है। 2008 में अलवर जिले की राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ सीट पर चुनाव भी जीत चुकी है। यदि गठबंधन का दायरा बढ़ता है और इसमें कुछ और दल दल जुड़ जाते हैं तो यह कांग्रेस और भाजपा के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।
Published on:
29 Oct 2018 07:54 pm

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