पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को जयपुर में केंद्री की मोदी सरकार को घेरा। उन्होंने नीतीश के बयान पर कहा कि उनकी माफी के बाद किसी टिप्पणी का कोई औचित्य नहीं है। लेकिन व्यक्तिगत रूप से मेरा मानना है कि ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को जयपुर में केंद्री की मोदी सरकार को घेरा। उन्होंने नीतीश के बयान पर कहा कि उनकी माफी के बाद किसी टिप्पणी का कोई औचित्य नहीं है। लेकिन व्यक्तिगत रूप से मेरा मानना है कि ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।
चिदम्बरम ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि मोदी सरकार चुनाव में केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में अगली सरकार तय करने का अधिकार 5.2 करोड़ मतदाताओं को है, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई के दम पर इस अधिकार को प्रभावित करना चाहती है। चिदम्बरम ने राजस्थान की कांग्रेस सरकार की पांच साल की उपलब्धियां और जनता के लिए करवाए गए विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने राजस्थान की जनता से अपील की कि केंद्र की घिनौनी हरकत को नाकाम कर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का बचाव करें और अपनी मर्जी की सरकार चुने।
विपक्षी नेता निशाने पर
चिदम्बरम ने कहा कि भाजपा के 305 सांसद हैं. देशभर में भाजपा के 1,360 विधायक हैं। इसके बावजूद 95-97 फीसदी जांच एजेंसियों की कार्रवाई केवल विपक्षी पार्टियों पर ही होती हैं। इनका ईडी, सीबीआई पर भरोसा है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है। न केवल कांग्रेस, बल्कि बाकि सभी राजनीतिक दल भी यही कह रहे हैं।
दलित-महिलाओं का सम्मान करने वाली पार्टी का चयन करें
चिदम्बरम ने महिलाओं, आदिवासी, दलितों और अल्पसंख्यकों का जिक्र करते हुए कहा कि जो इनका सम्मान करे, आप उसी पार्टी का चयन करें। उसी पार्टी को चुने, जिसने पिछले पांच साल में आपके विकास के लिए काम किया हो और आने वाले पांच साल में भी आपकी भलाई करने वाली हो। कांग्रेस सरकार ने पांच साल काम किया है और अगले पांच साल के लिए सात गारंटियां देकर अपना विजन पेश किया है।