शराब बिक्री ( Liquor Sales ) बढ़ाने को लेकर राज्य सरकार ( Rajasthan Government ) ने नया रास्ता खोज लिया है। अब प्रदेेश के शहरों में 30 फीट की गलियों तक में खुले होटल और रेस्टोरेट में भी शराब परोसी जा सकेगी। लाइसेंस ( Liquor License in Rajasthan ) की प्रक्रिया राज्य में संभवत: गुरुवार से शुरू हो जाएगी...
- सुनील सिंह सिसोदिया
जयपुर। शराब बिक्री ( Liquor Sales ) बढ़ाने को लेकर राज्य सरकार ( Rajasthan Government ) ने नया रास्ता खोज लिया है। अब प्रदेेश के शहरों में 30 फीट की गलियों तक में खुले होटल और रेस्टोरेट में भी शराब परोसी जा सकेगी। लाइसेंस ( Liquor License in Rajasthan ) की प्रक्रिया राज्य में संभवत: गुरुवार से शुरू हो जाएगी। वित्त विभाग के निर्देश के बाद आबकारी आयुक्त ने बुधवार को सभी जिला आबकारी अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए। लाइसेंस के लिए व्यावसायिक श्रेणी के भू-रूपांतरण की बाध्यता को भी खत्म कर दिया गया है।
नियमों में संशोधन की 1 जनवरी 2020 को अधिसूचना वित्त विभाग ने जारी कर दी। इसके बाद 3 जनवरी को वित्त विभाग के सचिव पृथ्वीराज ने आबकारी आयुक्त को निर्देश दिए। इसमें कहा कि 5 दिसंबर 2019 को सीएम कार्यालय से स्वीकृति के बाद यह आदेश दिए जा रहे हैं। राज्य सरकार के इन आदेशों की पालना में आबकारी आयुक्त विष्णु चरण मलिक ने बुधवार को सभी जिला आबकारी अधिकारियों को वित्त विभाग के निर्देशों की पालना में ही लाइसेंस जारी करने के आदेश जारी कर दिए।
पहले शराबबंदी की समीक्षा को भेजी टीम
हाल ही आबकारी विभाग की ओर से बिहार की शराबबंदी की समीक्षा को लेकर एक टीम भेजी गई थी, लेकिन शराबबंदी को लेकर तो कुछ नहीं हुआ, उल्टा यह इनको राहत का काम और कर दिया।। बड़ी बात यह है कि लाइसेंस ज्यादा होंगे तो कम्पटीशन बढ़ेगा। ऐसे में होटल शराब पिलाने के बजाय बेचने में से भी नहीं चूकेंगे। ऐसे में यह दुकान की तरह चलेंगे।
अब लाइसेंस के नियम हैं ये
शराब बिक्री को बढ़ावा देने के लिए वित्त विभाग ने राजस्थान आबकारी होटल बार लाइसेंस नियम 1973 एवं राजस्थान आबकारी रेस्टोरेंट बार लाइसेंस नियम 2004 के नियमों में 3सी और 3ए के रूप में नए नियम जोडकऱ प्रावधान किया है। नियमों में संशोधन को लेकर 1 जनवरी 2020 को अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है। लाइसेंस स्थाई न होकर अस्थायी होंगे, लेकिन सालभर की फीस लेकर 6-6 माह के लिए दिए जाएंगे। लाइसेंस के लिए पहले 75 फीसदी फीस लेकर 6 माह के लिए जारी कर दिया जाएगा। इस अवधि के खत्म होने के 15 दिन पहले ही शेष 25 फीसदी राशि लेकर 6 माह के लिए और लाइसेंस का नवीनिकरण कर दिया जाएगा। सालभर की फीस की 75 फीसदी राशि पहले ही ले जाएगी। पुन: नवीनिकरण के वक्त शेष 25 फीसदी राशि ली जाएगी। इन होटल व रेस्टोरेंट में शराब बिक्री को बढ़ावा देने के लिए यहां मदिरा सेवन के लिए ओकेजनल परमिट जारी करने पर भी रोक लगा दी गई है।
ये होंगी शर्तें
निकाय के अग्निशमन अधिकारी की फायर एनओसी
स्थानीय निकाय में व्यवसाय के लिए पंजीकृत होना चाहिए
भूूमि का मालिकाना हक अथवा किरायानामा या लीज प्रमाण पत्र हो
होटल व रेस्टोरेंट बार को 6 माह के लिए लाइसेंस निर्धारित शुल्क का 75 फीसदी तथा शेष अवधि या 6 माह के लिए जो भी कम हो के लिए 25 प्रतिशत शुल्क देकर दिया जा सकेगा।
5 गुना तक होगी लाइसेंस में वृद्धि
राज्य में वर्तमान में करीब 900 होटल और बार लाइसेंस हैं। अकेले राजधानी जयपुर में ही अभी रेस्टोरेंट और होटल बार लाइसेंस करीब 400 हैं। होटल के लिए फीस 9 लाख और रेस्टोरेंट के लिए फीस 10 लाख है। आबकारी विभाग के अधिकारियों की मानें तो सरकार की ओर से मिली राहत से राज्य में 5 गुना तक होटल-रेस्टोरेंट बार लाइसेंस की सख्या में बढ़ोतरी हो जाएगी। खास बात यह है कि रेस्टोरेंट में रात 11 बजे तक बीयर परोसी जा सकती है और होटल में कोई समय सीमा नहीं है। 20 कमरे तक के सभी होटल लाइसेंस ले सकते हैं। वहीं 125 गज जमीन में बने रेस्टोरेंट में यदि 50 लोगों के बैठने की व्यवस्था है तो वह भी लाइसेंस
ले सकेगा।